पंजाबी मूल के पुलिस अधिकारी और चैरिटी प्रमुख कैल दोसांझ धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार
वैंकूवर/चंडीगढ़:- वैंकूवर पुलिस ने पंजाबी मूल के अपने ही एक पुलिस अधिकारी और युवाओं की एक चैरिटी संस्था के संस्थापक के खिलाफ लंबी गुप्त जांच के बाद धोखाधड़ी, चोरी और विश्वास के उल्लंघन के कई आरोप लगाए हैं।
मुलाजिम कुलविंदर सिंह उर्फ कैल दोसांझ के सरी की 129 स्ट्रीट और 59 एवेन्यू स्थित घर को आज बड़ी संख्या में पुलिस ने बाद दोपहर घेरकर वहां से कैल दोसांझ और उसके साथी सरबजीत सिंह गिल को गिरफ्तार कर लिया है। उसके घर की तलाशी के दौरान पुलिस वहां से दस्तावेजों के बंडल बक्सों में डालकर ले जाती देखी गई है।
वैंकूवर पुलिस विभाग के अनुभवी कांस्टेबल और सरी-स्थित 'किड्सप्ले फाउंडेशन' के सी.ई.ओ. कलविंदर "कैल" दोसांझ को नौ आरोपों का सामना करना पड़ रहा है— जिनमें 5,000 डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी के चार मामले, 5,000 डॉलर से अधिक की चोरी के चार मामले और एक सार्वजनिक अधिकारी द्वारा विश्वास के उल्लंघन का एक मामला शामिल है।
बी.सी. प्रॉसीक्यूशन सर्विस ने इन आरोपों की पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक 50 वर्षीय दोसांझ के साथ उनके एक सह-आरोपी 51 वर्षीय सरबजीत सिंह गिल भी हैं, जिन पर धोखाधड़ी और चोरी के छह आरोप लगाए गए हैं। कथित अपराध 8 दिसंबर 2017 से 25 जुलाई 2025 तक की अवधि के दौरान वैंकूवर, सरी और ब्रिटिश कोलंबिया के अन्य स्थानों पर या उनके आसपास हुए बताए जाते हैं।
फगवाड़ा के नजदीकी गांव का मूल निवासी कुलविंदर सिंह उर्फ कैल दोसांझ करीब 20 साल से वैंकूवर पुलिस में सेवाएं निभा रहे थे और साथ ही वह युवाओं को अपराध से बचाने वाले संगठन के कर्ता-धर्ता के रूप में कार्यरत था। उसे सरी के प्रतिष्ठित व्यक्ति के रूप में सम्मानित किया जाता था। मामला किसी शिकायत से संबंधित बताया जा रहा है, जिसमें ढाई करोड़ डॉलर के घोटाले की चर्चा है। वैंकूवर पुलिस प्रमुख ने फिलहाल इस बारे में कुछ भी बताने से इनकार करते हुए कहा कि वह शुक्रवार दोपहर को पत्रकार सम्मेलन में सारी जानकारी देंगे।
इस बारे में मिली विश्वसनीय जानकारी के अनुसार कुलविंदर सिंह उर्फ कैल दोसांझ ने पुलिस नौकरी के साथ यूथ चैरिटी चलाते हुए लोगों का भरोसा जीत लिया और उन्हें अधिक कमाई का लालच देकर सैकड़ों लोगों से करीब ढाई करोड़ डॉलर लेकर तेजी के दौर में कुछ संपत्तियां खरीदीं और कहा गया कि अधिक रेट पर बेचकर मुनाफा बांटा जाएगा।
नकद में ली गई उन संपत्तियों को बैंक के पास गिरवी रखकर इसने करीब दो करोड़ डॉलर की संपत्तियां अपने नाम पर खरीद लीं। उसके तुरंत बाद मंदी का दौर शुरू हो गया और बैंक ने गिरवी रखी संपत्तियां जब्त कर लीं। पैसा लगाने वाले रकम वापस मांगने लगे, जो देने में कैल असमर्थ था। पुलिस को हुई शिकायतों की जांच पूरी होने में ढाई साल लगे, जिसके बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई अमल में लाई गई है।
