मनुस्मृति की प्रतियां जलाने के मामले में ब्राह्मण कल्याण सभा ने जताया विरोध निष्पक्ष जांच की मांग

संतोषगढ़/ऊना, 03 सितंबर:- ब्राह्मण कल्याण सभा, संतोषगढ़ के पदाधिकारियों ने आज नगर में एक महत्वपूर्ण बैठक कर ऊना में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से मनुस्मृति की प्रतियां जलाए जाने का पुरजोर विरोध किया। सभा पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर, आरोप सत्य पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
सभा पदाधिकारियों का आरोप है कि बीते दिनों ऊना में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस से जुड़े कुछ पदाधिकारियों द्वारा कथित रूप से मनुस्मृति की प्रतियां सार्वजनिक रूप से जलाई गईं। सभा के अनुसार, मनुस्मृति हिंदू धार्मिक एवं सामाजिक परंपरा से संबंधित एक प्राचीन ग्रंथ है और सार्वजनिक रूप से इसकी प्रतियां जलाए जाने से हिंदू समाज के एक वर्ग की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों और दिए गए बयानों से जातिगत एवं धार्मिक आधार पर समाज में विभाजन की भावना को बढ़ावा मिल सकता है। सभा ने आशंका व्यक्त की कि इस प्रकार के कृत्यों से सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने तथा विभिन्न वर्गों के बीच तनाव पैदा होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ब्राह्मण कल्याण सभा ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि प्रदर्शन से संबंधित वीडियो, फोटो, सोशल मीडिया पोस्ट तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाए। यदि जांच में लगाए गए आरोप सत्य पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार मामला दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सभा पदाधिकारियों ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि भविष्य में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की आशंका वाले मामलों में आवश्यक निवारक कदम उठाए जाएं। सभा ने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
इस अवसर पर ब्राह्मण कल्याण सभा के प्रधान शशि कांत, महासचिव डॉ. गुलशन शर्मा, उपाध्यक्ष महेश चब्बा, कोषाध्यक्ष बलराम चब्बा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक वासुदेवा, रमेश शर्मा, भूषण पलाद आदि उपस्थित रहे।