विश्व पंजाबी प्रचार सभा चंडीगढ़ द्वारा किताबों का सिंधारा दिया गया

चंडीगढ़:- आज विश्व पंजाबी प्रचार सभा चंडीगढ़ द्वारा कोठी नंबर 1340 फेज 3बी-2, मोहाली में किताबों का सिंधारा नामक एक समारोह किया गया। इस समारोह में विश्व पंजाबी प्रचार सभा चंडीगढ़ के प्रधान प्रिं. बहादुर सिंह गोसल की बहन बीबी जरनैल कौर को किताबों का सिंधारा देने के लिए उनके घर पर संस्था के मुख्य पदाधिकारी पहुंचे। बीबी जरनैल कौर आजकल कनाडा में होने के कारण उनकी ओर से उनकी बहू मैडम अमृतपाल कौर ने यह किताबों का सिंधारा प्राप्त किया। 
इस मौके पर विश्व पंजाबी प्रचार सभा चंडीगढ़ के प्रधान प्रिं. बहादुर सिंह गोसल, विशेष सलाहकार और पंजाबी गीतकार श्री रणजोध सिंह राणा और संस्था के सलाहकार बलविंदर सिंह और परमिंदर सिंह भी मौजूद थे।
श्री रणजोध सिंह राणा ने विश्व पंजाबी प्रचार सभा चंडीगढ़ द्वारा किताबों के सिंधारे की रस्म को समाज के लिए बहुत उपयोगी बताया और कहा कि इससे सम्मानित बेटियां, बहनें पंजाबी संस्कृति के साथ-साथ मातृभाषा पंजाबी से भी जुड़ेंगी। यहाँ उल्लेखनीय है कि मैडम अमृतपाल कौर एम.ए. बी.एड. होने के कारण स्वयं भी पंजाबी के प्रचार और प्रसार में लगी हुई हैं और किताबों के सिंधारे के लिए उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों का धन्यवाद किया।
इस मौके पर परिवार द्वारा आए हुए संस्था के सभी सदस्यों का मिठाई बांट कर मुंह मीठा करवाया गया और इस रीति रिवाज को और प्रचारित करने के लिए मातृभाषा पंजाबी की सेवा करते रहेंगे। प्रिं. गोसल द्वारा जो किताबें मुख्य तौर पर किताबों के सिंधारे के रूप में दी गईं उनमें 'हल्दी के रंग संगनों के संग', 'मेरे पंजाबी लेख', 'सिख इतिहास के अजब पन्ने', 'टल्लां वाला साध', 'आओ लिखें तकदीर देश की', 'मेरी श्रेष्ठ बाल कहानियां', 'दीपी गुठली वाला' और बहुत सारी अन्य शामिल थीं और उन्होंने परिवार के सदस्यों को ये सारी पुस्तकें बड़े प्यार से पढ़ने के लिए भी कहा।
इस मौके पर बोलते हुए श्री परमिंदर सिंह ने कहा कि किताबों के सिंधारे के लिए दी गई ये पुस्तकें बहुत ही लाभदायक और बच्चों के लिए अनमोल होंगी।