चंडीगढ़, 23 अगस्त 2025- तीन दिवसीय होमी भाभा कैंसर कॉन्क्लेव (HBCC) 2025 के दूसरे दिन पंजाब के महामहिम राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (HBCH&RC), पंजाब में अत्याधुनिक रोबोटिक-असिस्टेड कैंसर सर्जरी सुविधा का उद्घाटन किया।
चंडीगढ़ स्थित नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ (NMIMS) के कैंपस में आयोजित हो रहे इस प्रतिष्ठित कॉन्क्लेव ने देशभर से अग्रणी ऑन्कोलॉजिस्ट, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्र किया है ताकि कैंसर उपचार, देखभाल और रोकथाम में हो रहे नवीनतम नवाचारों पर चर्चा की जा सके।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने अस्पताल के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा, "पिछले 80 वर्षों में टाटा मेमोरियल सेंटर ने कैंसर के उपचार के क्षेत्र में पूरी दुनिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।
हमारे देश में जिस तेज़ी से कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए टाटा मेमोरियल सेंटर का विस्तार आवश्यक हो गया है। वर्तमान में देशभर में नौ सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से दो पंजाब में हैं। यह क्षेत्र ऐसी उन्नत सुविधाओं के लिए लंबे समय से प्रतीक्षारत था।"
होमी भाभा कैंसर कॉन्क्लेव के इस दूसरे संस्करण में अनेक प्रतिष्ठित चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें डॉ. श्रीपद डी. बनावली (निदेशक, अकादमिक, टाटा मेमोरियल सेंटर), डॉ. ए.के. अत्रि (डायरेक्टर प्रिंसिपल, जीएमसीएच-32, चंडीगढ़), डॉ. सत्यजीत प्रधान (निदेशक, एचबीसीएच एवं एमपीएमएमसीसी, वाराणसी) और डॉ. उमेश महानशेट्टी (निदेशक, एचबीसीएच एंड आरसी, विशाखापट्टनम) शामिल थे।
कार्यक्रम की शुरुआत एचबीसीएच एंड आरसी पंजाब के निदेशक डॉ. आशीष गुलिया के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद वार्षिक पत्रिका का विमोचन किया गया और बहुप्रतीक्षित रोबोटिक कैंसर सर्जरी सुविधा का शुभारंभ राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के करमकलों से संपन्न हुआ। यह क्षेत्र में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
राज्यपाल ने पर्यावरणीय और जीवनशैली संबंधी कारणों का उल्लेख करते हुए कहा, "औद्योगिक प्रदूषण, सतलज नदी का प्रदूषण, रासायनिक खादों का बढ़ता उपयोग और जीवनशैली में बदलाव—ये सभी कारक कैंसर मामलों की वृद्धि के लिए ज़िम्मेदार हैं। कैंसर के प्रसार को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाना और इसके मूल कारणों का समाधान करना अत्यंत आवश्यक है।"
राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, "स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज की नींव है, और स्वस्थ समाज ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार है। स्वास्थ्य के बिना कोई भी देश प्रगति नहीं कर सकता। यदि सबसे बड़ा प्राथमिकता बिंदु कोई है, तो वह स्वास्थ्य ही है। वर्ष 2013-14 में भारत का स्वास्थ्य बजट 33,000 करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।"
एचबीसीएच एंड आरसी द्वारा चलाए गए निवारक अभियानों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा, "अस्पताल ने अब तक 1.7 लाख से अधिक लोगों की शुरुआती जांच की है और बड़ी संख्या में रोगियों का शुरुआती अवस्था में उपचार किया है। यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।"
एचबीसीएच एंड आरसी पंजाब में रोबोटिक कैंसर सर्जरी का शुभारंभ
रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत पंजाब में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। यह अत्याधुनिक तकनीक सर्जनों को जटिल कैंसर शल्यक्रियाएं अधिक सटीकता के साथ करने, रक्तस्राव को न्यूनतम रखने और रोगियों को तेज़ी से स्वस्थ होने में मदद करेगी। इस शुभारंभ के साथ ही, एचबीसीएच एंड आरसी उत्तर भारत के उन चुनिंदा सरकारी कैंसर अस्पतालों में शामिल हो गया है जो रोबोटिक-असिस्टेड शल्य चिकित्सा की सुविधा प्रदान करते हैं। इससे पंजाब और पड़ोसी राज्यों के रोगियों को विश्वस्तरीय कैंसर उपचार अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगा।
रोगी-केंद्रित पहल के तहत अस्पताल ने घोषणा की कि सामान्य श्रेणी के पहले 80 रोगियों की रोबोटिक सर्जरी निःशुल्क की जाएगी।
इस अवसर पर डॉ. आशीष गुलिया, निदेशक, एचबीसीएच एंड आरसी पंजाब ने कॉन्क्लेव की दृष्टि साझा करते हुए कहा, "HBCC 2025 विज्ञान, नवाचार और सहयोग का संगम है। हमारा उद्देश्य केवल अत्याधुनिक कैंसर उपचार उपलब्ध कराना ही नहीं है, बल्कि ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है जहाँ ज्ञान और शोध सीधे रोगी देखभाल में परिवर्तित हो। रोबोटिक कैंसर सर्जरी की शुरुआत हमारे *प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी* के संकल्प का प्रतीक है, जिससे पंजाब के किसी भी रोगी को उन्नत उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।"
उन्होंने आगे कहा, "हमें यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि HBCC 2025 में देशभर से 400 से अधिक विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इस शैक्षणिक आयोजन के लिए सहयोग देने हेतु मैं एनएमआईएमएस का आभार व्यक्त करता हूँ। हम उत्तर भारत में आम कैंसरों के प्रति शिक्षा और जागरूकता को निरंतर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
उद्घाटन सत्र में मॉलिक्यूलर पैथोलॉजी, स्त्री एवं मूत्रजननांग कैंसर, बाल्यावस्था कैंसर, स्तन कैंसर और मस्कुलोस्केलेटल ऑन्कोलॉजी पर शैक्षणिक चर्चा हुई, साथ ही उन्नत डायग्नोस्टिक एवं उपचार तकनीकों पर मास्टरक्लास भी आयोजित किए गए।
कॉन्क्लेव में व्याख्यान, वाद-विवाद, पैनल चर्चा के अलावा सुखना झील पर कैंसर जागरूकता वॉकाथन का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन संयोजक सचिव डॉ. आलोक के. गोयल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने गणमान्य अतिथियों, संकाय और प्रतिनिधियों के योगदान को HBCC 2025 को कैंसर के विरुद्ध संघर्ष में एक ऐतिहासिक आयोजन बनाने में सराहा।
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