चंडीगढ़, 30 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जीवन संघर्ष, सेवा और दृढ़ संकल्प की ऐसी प्रेरणादायक यात्रा है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को चुनौतियों का सामना करते हुए जीवन में आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा मिलती है। यदि कोई व्यक्ति दृढ़ इच्छाशक्ति और पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़े, तो वह शून्य से शिखर तक पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित नाटक ‘शून्य से शिखर तक’ ने उनके इसी संघर्ष और राष्ट्रसेवा की भावना को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय, रोहतक तथा हरियाणा के सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जीवन सफर और देश के प्रति उनके योगदान को दर्शाने के लिए ‘शून्य से शिखर तक’ विषय पर आयोजित नाट्य प्रस्तुति देखने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
इस अवसर पर सुपवा के कुलपति डॉ. अमित आर्य, राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा, विधायक शक्ति रानी शर्मा, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री के.एम. पांडुरंग, निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, चेयरमैन मोहन लाल बड़ौली, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, सुपवा की रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा सहित बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
नाटक की प्रस्तुति के बाद मुख्यमंत्री ने दर्शकों के बीच बैठे स्कूली बच्चों से आत्मीय बातचीत भी की। इसके साथ ही उन्होंने नाटक में भाग लेने वाले सुपवा के थिएटर कलाकारों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नाटक में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जीवन के विभिन्न पहलुओं को जिस उत्साह और जीवंतता के साथ प्रस्तुत किया गया, वह सराहनीय है। विशेष रूप से बच्चों को पूरे उत्साह के साथ यह प्रस्तुति देखते हुए देखकर अच्छा लगा।
उन्होंने नाटक में अलग-अलग किरदार निभाने वाले सभी कलाकारों, विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, आयोजकों और इस कार्यक्रम से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को यह नाटक देखना चाहिए, क्योंकि इसके माध्यम से प्रधानमंत्री के जीवन से संघर्ष, मेहनत, सेवा और समर्पण की प्रेरणा मिलती है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा यात्रा में गुजरात से लेकर देश तक अनेक चुनौतियों का सामना करने और उनके समाधान खोजने का दृढ़ संकल्प दिखाई देता है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य की चुनौतियों का समाधान किया और इसके बाद देश की बागडोर संभालते हुए राष्ट्रीय स्तर पर कई समस्याओं के समाधान के लिए काम किया।
आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने से लेकर विकसित भारत के संकल्प तक, प्रधानमंत्री ने देश को एकजुट करने और भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले वर्षों के दौरान देश और हरियाणा में विकास की गति तेज हुई है। हरियाणा इसका एक उदाहरण है। पहले राज्य के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचने में कई घंटे लग जाते थे, लेकिन आज बेहतर सड़कों और परिवहन सुविधाओं के कारण यह सफर लगभग साढ़े तीन से चार घंटे में पूरा हो जाता है। इससे आम लोगों का जीवन आसान हुआ है और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिली हैं।
उन्होंने कहा कि नाटक में प्रधानमंत्री की सेवा और समर्पण की भावना को भी बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है। अपने कर्तव्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ऐसी रही है कि वे हमेशा सेवा कार्यों के लिए समर्पित रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश जिन समस्याओं और चुनौतियों का सामना कर रहा था, उनका आज समाधान हो चुका है। कई बार नई पीढ़ी को इस बात का अंदाजा भी नहीं होता कि पहले देश किन परिस्थितियों से गुजर रहा था। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से परिस्थितियों में आए बदलाव आज स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। ‘शून्य से शिखर तक’ नाटक ने प्रधानमंत्री के इसी प्रेरणादायक जीवन सफर को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया है।
प्रधानमंत्री का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक: के.एम. पांडुरंग
सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री के.एम. पांडुरंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जीवन संघर्ष, अटूट दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और राष्ट्रसेवा की भावना से परिपूर्ण है तथा यह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। उनका जीवन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के व्यक्ति को प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि ‘शून्य से शिखर तक’ नाटक के माध्यम से प्रधानमंत्री के जीवन संघर्ष और उनकी सेवा एवं संकल्प की भावना को जिस खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है, वह सराहनीय है।
उन्होंने इस शानदार प्रस्तुति के लिए सुपवा के कुलपति, शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस नाटक का अन्य स्थानों पर भी मंचन किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रधानमंत्री के जीवन से प्रेरणा ले सकें। उन्होंने नाटक में अलग-अलग किरदार निभाने वाले सभी विद्यार्थियों और कार्यक्रम से जुड़े लोगों का धन्यवाद भी किया।
नाटक की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा: कुलपति डॉ. अमित आर्य
सुपवा के कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और शानदार अभिनय से ‘शून्य से शिखर तक’ नाटक को यादगार बना दिया है।
उन्होंने कहा कि मंच पर कलाकारों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संघर्षपूर्ण जीवन सफर, उनके अटूट दृढ़ संकल्प और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को जिस जीवंतता के साथ प्रस्तुत किया, उसने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का काम किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने रंगमंच को माध्यम बनाकर प्रधानमंत्री की प्रेरणादायक जीवन यात्रा को प्रभावशाली ढंग से लोगों के सामने रखा है। यह प्रस्तुति विद्यार्थियों की रचनात्मकता, मेहनत और कला के प्रति समर्पण का बेहतरीन उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि मंच पर कलाकारों का अभिनय केवल एक कहानी की प्रस्तुति नहीं था, बल्कि यह दृढ़ संकल्प, संघर्ष और देश के प्रति समर्पण की भावनाओं को दर्शाने का एक प्रयास था।
डॉ. अमित आर्य ने उम्मीद जताई कि यह प्रस्तुति अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचेगी और युवा पीढ़ी को अपने कर्तव्यों के प्रति प्रेरित करेगी।
