बटाला, 4 नवंबर:- पीएम श्री सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, हरपुरा धंधोई में प्रिंसिपल प्रभजोत सिंह के दिशा-निर्देश में आपदा प्रबंधन विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें सिविल डिफेंस से हरबख्श सिंह, वोकेशनल ट्रेनर इकबाल सिंह, स्टाफ सदस्यों तथा राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (एनएसक्यूएफ) के अंतर्गत 117 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्राकृतिक और मानव-जनित आपदाओं के बारे में जागरूक किया गया। बताया गया कि प्राकृतिक आपदाएं मानव इतिहास जितनी ही पुरानी हैं। पर्यावरण में बदलाव के कारण इनकी संख्या और आवृत्ति में दिन-प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। इनके कारण होने वाला जान-माल का नुकसान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गया है। इन आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन इनके नुकसान को निश्चित रूप से कम किया जा सकता है।
आपदाएं मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं—प्राकृतिक आपदाएं और गैर-प्राकृतिक अर्थात मानव द्वारा उत्पन्न आपदाएं। प्राकृतिक आपदाओं में भूकंप, जंगलों में आग, बाढ़, सुनामी, चक्रवात, सूखा, लू और शीतलहर, तूफान, ज्वालामुखी विस्फोट, जमीन धंसना, आकाशीय बिजली गिरना और उससे आग लगना, अचानक आने वाली बाढ़ तथा ओलावृष्टि आदि शामिल हैं।
गैर-प्राकृतिक आपदाओं में युद्ध, सड़क, रेल और हवाई दुर्घटनाएं, आग लगना, बम विस्फोट, आतंकवाद, महामारियां, पर्यावरण प्रदूषण, बहुमंजिला इमारतों का गिरना, गैस का रिसाव, जैविक हमले, औद्योगिक प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण आदि शामिल हैं।
सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों द्वारा आपदाओं से निपटने के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब दिए गए तथा उन्हें सुरक्षा के जरूरी गुर भी सिखाए गए। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती, अधिकारों, कर्तव्यों, नशों, अग्निशामक यंत्रों तथा आपातकालीन सहायता नंबर 112 के बारे में भी जागरूक किया गया।
