पटियाला:- सांझा साहित्यिक मंच, पटियाला की ओर से अमरजीत लाइब्रेरी, भादसों रोड, पटियाला में एक साहित्यिक मिलन समारोह आयोजित किया गया। सुखविंदर चहल, नवदीप सिंह मुंडी, अमरजीत खरोड़, सतनाम चौहान, हरदीप सभरवाल और पाल खरोड़ की ओर से आयोजित किए जा रहे इस विशेष प्रयास के तहत इस बार कहानीकार मोहम्मद इम्तियाज के कहानी संग्रह ‘हशमत चाचा ते होर कहानियां’ पर विचार-चर्चा की गई।
इस विशेष अवसर पर डॉ. मोहन त्यागी, डॉ. रविंदर घुम्मण, अमृतपाल सिंह शैदा, बचन सिंह गुरम, तेजिंदर सिंह फरवाही, जोगा सिंह धनौला, गुरचरण सिंह चन्न पटियालवी, कुलवंत सिंह सैदोंके, दर्शन सिंह पसियाणा, जगतार शेरगिल, कृपाल सिंह मूनक, दविंदर पटियालवी, डॉ. त्रिलोक सिंह ढिल्लों, राज सिंह बधौछी, गुरमुख सिंह जागी, नवनीत सिंह सिद्धू, हरदीप सभरवाल, पाल खरोड़, अमरजीत खरोड़, नवदीप सिंह मुंडी, दिलप्रीत सिंह और समरबीर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य आलेख प्रस्तुत करते हुए डॉ. मोहन त्यागी ने कहा कि मोहम्मद इम्तियाज की कहानियां आम आदमी के भीतर की बेचैनी को सामने लाने का काम करती हैं। अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. रविंदर घुम्मण ने कहा कि मोहम्मद इम्तियाज की कहानियां पंजाब के मुस्लिम समुदाय के जीवन की झलक प्रस्तुत करने के साथ-साथ मध्यम वर्ग के संघर्ष को भी उजागर करती हैं। चर्चा को आगे बढ़ाते हुए हरदीप सभरवाल ने कहा कि उनकी कहानियां आज के आधुनिक और स्वार्थी समाज में बेमेल महसूस करने वाले इंसान की कहानियां हैं। अमृतपाल सिंह शैदा ने कहा कि ये कहानियां पाठकों को अपने साथ बांध लेती हैं और अंत तक पढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
इसके बाद मोहम्मद इम्तियाज ने उपस्थित साहित्यकारों के साथ अपने साहित्यिक सफर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि साहित्य की विभिन्न विधाओं में हाथ आजमाने के बजाय कहानी विधा में परिपूर्णता हासिल करना ही उनका लक्ष्य है।
इस विशेष अवसर पर लघुकथा पत्रिका ‘छिण’ और पंजाबी साहित्य की पत्रिका ‘ऊड़ा’ का लोकार्पण भी किया गया। विचार-चर्चा के अंत में नवदीप सिंह मुंडी ने उपस्थित सभी साहित्यकारों का धन्यवाद किया। इसके बाद सांझा साहित्यिक मंच की ओर से मोहम्मद इम्तियाज, डॉ. मोहन त्यागी और डॉ. रविंदर घुम्मण को सम्मानित किया गया।
