विद्यालय परिसर में अनाधिकृत प्रवेश पर सख्ती शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालने वालों के विरुद्ध होगी कार्रवाई उपायुक्त राहुल नरवाल

हांसी:– उपायुक्त राहुल नरवाल ने जिले के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, अनुशासन तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को निर्बाध एवं शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए विद्यालय परिसरों में अनाधिकृत एवं अवैध प्रवेश को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। 
उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि बिना उचित अनुमति के किसी भी बाहरी अथवा अनाधिकृत व्यक्ति को विद्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी तथा जिला हांसी के सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों को इन निर्देशों की जानकारी तत्काल उपलब्ध करवाएं तथा इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

**विद्यालय परिसर में प्रवेश होगा नियंत्रित
डीसी राहुल नरवाल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार विद्यालय परिसर में आने वाले आगंतुकों, बाहरी व्यक्तियों तथा अन्य लोगों के प्रवेश को सख्ती से विनियमित किया जाएगा। केवल उचित प्राधिकरण तथा वैध उद्देश्य के आधार पर ही किसी व्यक्ति को विद्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। विद्यालय प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गतिविधि विद्यालय की सुरक्षा, अनुशासन एवं शैक्षणिक वातावरण के अनुरूप हो।

**कक्षाओं और शिक्षण गतिविधियों में हस्तक्षेप पर पूर्ण रोक
डीसी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में विद्यालय की शिक्षण-अधिगम गतिविधियों में बाधा नहीं आनी चाहिए। बिना उचित अनुमति के किसी बाहरी व्यक्ति को कक्षा-कक्ष में प्रवेश करने, अध्यापन कार्य में हस्तक्षेप करने, विद्यार्थियों से अनावश्यक बातचीत करने अथवा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित करने की अनुमति नहीं होगी।
इसी प्रकार परीक्षाओं, प्रार्थना सभा, विद्यालय के सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान भी अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश एवं हस्तक्षेप को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।

**प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापकों की रहेगी विशेष जिम्मेदारी
विद्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यालय परिसर में अनुशासन एवं सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखें। किसी भी बाहरी व्यक्ति के विद्यालय में प्रवेश का उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए तथा आवश्यकता के अनुसार उचित अनुमति एवं निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विद्यालय प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यार्थियों के नियमित पठन-पाठन, परीक्षाओं एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो।

**निर्देशों की अवहेलना पर तय होगी जिम्मेदारी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का उल्लंघन अथवा इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। यदि किसी विद्यालय में अनाधिकृत प्रवेश अथवा शैक्षणिक गतिविधियों में अनुचित हस्तक्षेप की स्थिति सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी अथवा संस्था प्रमुख की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी एवं सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन आदेशों की नियमित निगरानी करें तथा अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में इनके प्रभावी अनुपालन की समीक्षा भी करें।
डीसी ने कहा है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, विद्यालय में अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस उद्देश्य से विद्यालय परिसरों में अनाधिकृत प्रवेश तथा शिक्षण गतिविधियों में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।