हांसी के 6 गांवों के रिहायशी क्षेत्रों व खेतों में अब नहीं होगा जलभराव स्थायी समाधान की दिशा में प्रशासन ने बढ़ाया कदम

हांसी:– जीतपुरा, भाटोल जाटान, भाटोल रागड़ान, बडाला, गढ़ी तथा खरकड़ा गांवों के रिहायशी क्षेत्रों और खेतों को जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बीएमपी ड्रेन की रोड नंबर 97600 पर पंप हाउस तथा गेट गियरिंग का निर्माण करवाया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और बरसात का सीजन समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
एसडीएम राजेश खोथ ने शुक्रवार को उक्त गांवों तथा आसपास के खेतों का दौरा कर जलभराव की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खेतों में पहुंचकर किसानों से विस्तार से बातचीत की और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। उनके साथ दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, सिंचाई विभाग, विकास एवं पंचायत विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
एसडीएम राजेश खोथ ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल निकासी के कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल निकासी के लिए लगाए जाने वाले पंपों का संचालन निर्बाध रूप से हो, इसके लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों में पानी की निकासी सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
एसडीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भाटोल तथा बडाला गांव क्षेत्र से बरसाती पानी की निकासी के लिए ऋषिकुल स्कूल के पास से बीएमसी ड्रेन तक नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार कर सोमवार तक भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल निकासी से संबंधित कार्यों में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए। स्थायी व्यवस्था तैयार होने तक आवश्यक अस्थाई प्रबंध भी तुरंत प्रभाव से सुनिश्चित किए जाएं।

बीएमपी ड्रेन की रोड नंबर 97600 पर बनेगा पंप हाउस व गेट गियरिंग
एसडीएम राजेश खोथ ने बताया कि बीएमसी ड्रेन की रोड नंबर 97600 पर पंप हाउस तथा गेट गियरिंग का निर्माण जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पंप हाउस के माध्यम से बरसाती पानी की निकासी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस स्थायी व्यवस्था से जीतपुर, भाटोल रागड़ान, भाटोल जाटान, गढ़ी तथा खरकड़ा सहित आसपास के गांवों के खेतों में होने वाले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

करीब 5000 फीट लंबी पाइपलाइन से लगभग 1000 एकड़ क्षेत्र को मिलेगा लाभ
प्रशासन द्वारा भाटोल तथा बडाला गांव क्षेत्र के बरसाती पानी की निकासी के लिए ऋषिकुल स्कूल के पास से बीएमपीसी ड्रेन तक करीब 5000 फीट लंबी पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई जा रही है। इस पाइपलाइन के माध्यम से बरसाती पानी को बीएमपीसी ड्रेन तक पहुंचाकर प्रभावी ढंग से बाहर निकाला जा सकेगा। इस परियोजना से लगभग 1000 एकड़ कृषि क्षेत्र को जल निकासी की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
एसडीएम ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल मौजूदा जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में भी बरसाती पानी के कारण खेतों और रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा निर्धारित समयसीमा में सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए।

किसानों से बातचीत कर जानी जमीनी स्थिति
दौरे के दौरान एसडीएम राजेश खोथ ने खेतों में जाकर किसानों से सीधे बातचीत की। किसानों ने उन्हें जलभराव के कारण खेती में आने वाली परेशानियों तथा बरसाती पानी की निकासी से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया। एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि प्रशासन द्वारा समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस अवसर पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कार्यकारी अभियंता सुरेंद्र मेहरा, सिंचाई विभाग के एसडीओ विवेक गुप्ता, जेई प्रवीण कुमार, जीतपुर गांव के सरपंच संदीप कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।