सिंघवा राघो में ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं छायाचित्रों की प्रदर्शनी का दूसरा दिन
हांसी:– क्षेत्रीय अभिलेखागार, हिसार मंडल द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सिंघवा राघो में 18 से 19 अगस्त 2026 तक आयोजित दो दिवसीय ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं छायाचित्रों की प्रदर्शनी का आज बुधवार को दूसरा एवं अंतिम दिन रहा। इस अवसर पर आसपास के विद्यालयों से आए करीब 210 विद्यार्थियों एवं अध्यापकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और स्वतंत्रता संग्राम तथा स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी का समापन सरपंच प्रतिनिधि नरेश नारू ने किया।
सरपंच प्रतिनिधि नरेश नारू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार की ऐतिहासिक प्रदर्शनी का आयोजन सराहनीय पहल है। इससे विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में स्थानीय लोगों के योगदान को जानने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उनमें देशभक्ति की भावना को भी मजबूत करती हैं।
क्षेत्रीय अभिलेखागार, हिसार मंडल के सहायक निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के योगदान, त्याग एवं बलिदान की गाथाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं छायाचित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को इतिहास को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
प्रदर्शनी में स्वामी दीप्तानंद कन्या गुरुकुल घिराय, सेंट मैथ्यूज स्कूल चानौत, एल.आर.एम. हाई स्कूल चानौत तथा राजकीय माध्यमिक विद्यालय सिंधड़ के विद्यार्थियों एवं अध्यापकों ने भाग लिया। चानौत से आए विद्यार्थियों ने अपने गांव के स्वतंत्रता सेनानी बजे सिंह के बारे में जानकारी प्राप्त कर गर्व महसूस किया और जाना कि उनके गांव के लोगों ने भी देश की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
विभाग के रिसोर्स पर्सन राजकुमार जांगड़ा ने विद्यार्थियों को प्रदर्शनी में प्रदर्शित स्वतंत्रता सेनानियों, ऐतिहासिक घटनाओं एवं दस्तावेजों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आसपास के गांवों के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने कठिन परिस्थितियों में देश की आजादी के लिए संघर्ष किया, जिसे जानकर हमें गौरव की अनुभूति होती है।
दयाल सिंह कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. उमाशंकर सिंह ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनी विद्यार्थियों और आमजन को इतिहास से जोड़ने की सशक्त कड़ी के रूप में कार्य करती है।
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या राजबाला, इतिहास प्रवक्ता मनोज मुंड, विजेन्द्र सिंह नैन, शिक्षा, मुकेश रानी, विनोद प्रभाकर, नरेंद्र कुमार सहित विद्यालय स्टाफ, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, पंचायत सदस्य, अभिभावक एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।
