जिला युवा विकास संगठन ने मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे 12 बच्चे रेस्क्यू किए
अंबाला, 26 अगस्त:- जिला युवा विकास संगठन ने बाल कल्याण समिति, सरकारी रेलवे पुलिस, मानव तस्करी विरोधी इकाई और आरपीएफ का सहयोग लेकर एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन एक्ट के तहत पंजाब और हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में जबरन मजदूरी करवाने के लिए ले जाए जा रहे 12 बच्चे अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन नंबर 15211, जननायक एक्सप्रेस में से रेस्क्यू किए हैं। इन बच्चों के बारे में जानकारी जिला युवा संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बड़ौला को जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस द्वारा दी गई थी। कार्यक्रम समन्वयक अजय तिवारी के नेतृत्व में बनी साझा टीम ने रात लगभग 8:50 बजे जननायक एक्सप्रेस पर एक विशेष जांच की। जांच के दौरान, संदिग्ध हालात में यात्रा कर रहे 12 बच्चों को सुरक्षित ढंग से बचाया।
शुरुआती इंटरव्यू के दौरान बच्चों ने खुलासा किया कि उन्हें मजदूरी और अन्य कामों के लिए पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू के विभिन्न क्षेत्रों में ले जाया जा रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन बच्चों को करनाल के एक शैलर में मजदूरों के रूप में काम करने के लिए ले जाया जा रहा था। दो बच्चों को एक ठेकेदार के अधीन काम करने के लिए जालंधर ले जाया जा रहा था। एक बच्चे को दैनिक मजदूरी के निर्माण कार्य के लिए हिमाचल प्रदेश ले जाया जा रहा था और छह अन्य बच्चों को मजदूरी के लिए अलग-अलग जगहों पर ले जाया जा रहा था।
बचाव के बाद टीम ने बच्चों से संवेदनशीलता के साथ बातचीत की, उनकी सुरक्षा, देखभाल और मानसिक तंदुरुस्ती पर विशेष ध्यान दिया। जरूरी डीडीआर और चिकित्सा प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति अंबाला की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा के सामने पेश किया गया जहां से उन्हें ओपन शेल्टर होम, अंबाला कैंट भेजने के आदेश जारी हुए।
इस साझा बचाव कार्य में भाग लेने वालों में आरपीएफ से एसआई स्वीटी सहरावत, एसआई विजय, एएसआई सोदन, कांस्टेबल अमित और जिला युवा विकास संगठन से कार्यकारी सदस्य तरुणा चोपड़ा, कार्यक्रम समन्वयक अजय तिवारी, लॉ इंटर्न माधव, टीम सदस्य हरविंदर सिंह हुंदल, प्रगट सिंह, रूबल धीमान और हरदीप सिंह नडियाली शामिल थे।
