5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर मनाया जाएगा काला शिक्षक दिवस एडिड स्कूल यूनियन
पटियाला, 29 अगस्त:- पंजाब राज्य के सरकारी सहायता प्राप्त (एडिड) स्कूलों के शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों को पिछले लगभग आठ महीनों से वेतन न मिलने तथा सेवा-मुक्त शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों को पेंशन के पी.पी.ओ. जारी न किए जाने के कारण शिक्षकों एवं कर्मचारियों में सरकार के प्रति गहरा रोष पाया जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला प्रधान अश्वनी कुमार मदान एवं जिला जनरल सचिव हरविंदर पाल ने कहा कि एडिड स्कूलों के शिक्षक एवं कर्मचारी लंबे समय से अपने वेतन एवं पेंशन संबंधी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा अभी तक इस गंभीर समस्या का कोई उचित एवं स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि लगातार आठ-आठ महीनों से वेतन न मिलने के कारण शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। घरों के रोजमर्रा के खर्चों, बच्चों की पढ़ाई एवं अन्य जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करना उनके लिए बहुत मुश्किल होता जा रहा है। दूसरी ओर, सेवा-मुक्त शिक्षक एवं कर्मचारी अपने पेंशनरी लाभों एवं पेंशन के पी.पी.ओ. जारी करवाने के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
अश्वनी कुमार मदान ने कहा कि शिक्षक एवं कर्मचारी समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें समय पर वेतन से वंचित रखना अत्यंत दुखद एवं निंदनीय है। सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत बकाया वेतन जारी करना चाहिए।
यूनियन नेताओं ने यह भी कहा कि पंजाब की भगवंत मान सरकार सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के हजारों शिक्षकों, अन्य कर्मचारियों के साथ-साथ बुजुर्ग पेंशनरों के छठे वेतन आयोग के बकायों को भी जारी नहीं कर रही है, जबकि इसी सरकार द्वारा हाई कोर्ट में एफिडेविट देकर यह वचन दिया गया था कि पंजाब के सभी सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों एवं पेंशनरों को सरकारी स्कूलों के समस्त कर्मचारियों की तरह छठे वेतन आयोग के बकायों का भुगतान किया जाएगा।
इन बकायों को देना शुरू करने की तारीख बीते पांच महीने हो चुके हैं और सरकार इस तरह सोई पड़ी है, जैसे इसके लिए हाई कोर्ट के फैसलों की कोई वैल्यू ही न हो। सरकार एवं अफसरशाही का तो यह हाल है कि वर्ष 2022 के चुनावी मैनिफेस्टो में एडिड स्कूलों के कर्मचारियों को सरकारी स्कूलों के बराबर सभी सुविधाएं देने का वादा किया गया था, लेकिन यह किया गया वादा साढ़े चार वर्ष बीत जाने के बावजूद भी पूरा नहीं किया गया। हाल तो इस हद तक खराब है कि यूनियन नेताओं के साथ बैठक में वित्त मंत्री द्वारा दिए गए आदेश एवं संयुक्त रूप से लिए गए फैसले भी आज तक लागू नहीं किए गए।
राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला जनरल सचिव हरविंदर पाल ने कहा कि राज्य समिति द्वारा फैसला किया गया है कि यदि सरकार ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों की जायज मांगों का तुरंत समाधान नहीं किया तो 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय रोष प्रकट करते हुए ‘काला शिक्षक दिवस’ मनाया जाएगा।
इस दौरान सरकार से मांग की जाएगी कि समस्त एडिड स्कूलों के शिक्षकों के आठ-आठ महीनों से नाजायज तौर पर रोके गए वेतन तुरंत जारी किए जाएं, समस्त कर्मचारियों एवं पेंशनरों के छठे वेतन आयोग के बकायों को तुरंत जारी किया जाए तथा सेवा-मुक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पेंशन पी.पी.ओ. सहित अन्य लंबित मांगों का तुरंत निपटारा किया जाए।
दोनों नेताओं ने पटियाला जिले के समस्त एडिड स्कूलों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे 5 सितंबर को होने वाले राज्य स्तरीय रोष कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों, ताकि सरकार तक अपनी जायज एवं हक की मांगों को मजबूती के साथ पहुंचाया जा सके।
