लुधियाना 31 जुलाई 2024:- गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना द्वारा एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। वेटरनरी विश्वविद्यालय, कृषि प्रौद्योगिकी उपयोग अनुसंधान संस्थान, लुधियाना और इकबरी वर्टिकल प्राइवेट लिम. मोहाली के दौरान यह समझौता हुआ।
श्री कुलजीत सिंह संधू, प्रबंध निदेशक, इकबरी वर्टिकल प्राइवेट लिम. ने कहा कि महानिदेशक उड्डयन विभाग से जुड़ा एक पायलट प्रशिक्षण केंद्र पंजाब में खोला जा रहा है। यह केंद्र सबसे पहले कृषि विज्ञान केंद्र बरनाला में खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि इकबरी वर्टिकल प्रा. लिम. आने वाले वर्षों में चार लाख किसानों को शिक्षित करने का लक्ष्य रखती है।
डॉ प्रकाश सिंह बराड़, निदेशक प्रसार शिक्षा ने कहा कि आने वाले दशक में कृषि के लिए ड्रोन का उपयोग बहुत महत्वपूर्ण हो जाएगा। इससे कीटनाशकों का छिड़काव होगा और पानी का उपयोग 90 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। इसके साथ ही कीटनाशकों के प्रयोग और श्रमिकों की जरूरत में भी कमी आएगी।
डॉ जतिंदर पाल सिंह गिल, निदेशक अनुसंधान ने कहा कि जैसे-जैसे कृषि में श्रमिकों की आवश्यकता कम होगी, लागत भी कम होगी, जिससे किसान की कमाई बढ़ेगी । इसके अलावा, श्रमिकों के स्वास्थ्य पर कीटनाशकों के प्रतिकूल प्रभाव से भी बचा जा सकेगा।
डॉ परवेंदर शेरोन, अटारी के निदेशक ने बताया कि यह समझौता पंजाब में अपनी तरह का पहला समझौता है। उन्होंने कहा कि इच्छुक किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र हंडियाया में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रत्येक प्रशिक्षण 7 दिनों की अवधि का होगा और एक माह में दो बैचों को प्रशिक्षित किया जाएगा जो आवश्यक शुल्क और पात्रता शर्तों को पूरा करेंगे।
डॉ इंद्रजीत सिंह, वाइस चांसलर ने पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि कृषि व्यवसाय में ड्रोन के उपयोग ने कृषि उद्योग को एक नया आकार दिया है जो आने वाले वर्षों में और प्रगति हासिल करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में और अनुसंधान एवं विकास की जरूरत है।
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