मोहाली:- हम सभी अपने जीवन में पेड़ों के महत्व से भली-भाँति परिचित हैं। पेड़ों के कारण ही मनुष्य, जीव-जंतुओं, पक्षियों और अनगिनत कीटों का जीवन और अस्तित्व संभव है। इसी कारण धार्मिक ग्रंथों, महापुरुषों और विज्ञान ने मनुष्य को पेड़ लगाने, उनकी देखभाल करने और उन्हें न काटने की सीख दी है। हमें इस मार्ग पर चलने का अवश्य प्रयास करना चाहिए।
लेकिन इसके साथ ही कई बार किसी भ्रम या अंधविश्वास के कारण लोग पेड़ों की जड़ों, तनों या पत्तों पर सिंदूर, तेल, आटा या मिठाई आदि डाल देते हैं। अनजाने में ऐसा करके हम बड़े-बड़े पेड़ों को नुकसान पहुँचाने या उनके सूखने का कारण बन सकते हैं। ऐसी वस्तुएँ कीड़े-मकोड़ों को पेड़ों की ओर आकर्षित करती हैं, जो बाद में पेड़ों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, तेल और सिंदूर जैसी कुछ हानिकारक वस्तुएँ पेड़ों की जड़ों और तनों को भी नुकसान पहुँचा सकती हैं।
यदि हम इस छोटी-सी लापरवाही और अज्ञानता को समझ लें, तो हम बहुत-से पेड़ों को नष्ट होने या समय से पहले सूखने से बचा सकते हैं। हमारा यह छोटा-सा सार्थक प्रयास हमें पर्यावरण-प्रेमी बना सकता है। पर्यावरण के हितैषी बनकर हम अपने आसपास को हरा-भरा बनाने में योगदान दे सकते हैं।
पर्यावरण सुधार की दिशा में एक छोटी-सी कोशिश।
