चंडीगढ़: 19 जून, 2024: पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ में "न्यूमेरिकल मॉडलिंग फॉर जिओटेक्निकल ऍप्लिकेशन्स थ्रु प्लैक्सिस 2डी/3डी" पर एक शार्ट-टर्म कोर्स का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। यह कोर्स पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) चंडीगढ़, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ और एम/एस इनोवेटिव सिस्टेल, एसएएस नगर, मोहाली के सहयोग से इंडियन जियोटेक्निकल सोसाइटी (आईजीएस) चंडीगढ़ चैप्टर द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस शार्ट टर्म कोर्स का उद्देश्य जिओ-टेक्निकल इंजीनियरिंग में इसकी ऍप्लिकेशन्स पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रतिभागियों को प्लाक्सिस 2डी/3डी सॉफ्टवेयर का उपयोग करके न्यूमेरिकल मॉडलिंग में उन्नत कौशल से लैस करना है।
इस उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजेश कुमार भाटिया, निदेशक (एड इंटेरिम), पीईसी के गर्मजोशी से स्वागत के साथ शुरू हुआ, शुभारम्भ के साथ ही कार्यक्रम के लिए एक उत्साही माहौल तैयार हो गया। इसके बाद समारोह की शुरुआत शमा रोशन करके की गई, जिसमें प्रोफेसर राजेश कुमार भाटिया और अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जो कि ज्ञान की रोशनी और एक ज्ञानवर्धक शैक्षिक यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। इंडियन जियोटेक्निकल सोसाइटी चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष और पीईसी में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर एस.के. सिंह ने अपने शुरूआती लफ़्ज़ों में सभी के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने आधुनिक भू-तकनीकी इंजीनियरिंग में इसके महत्व और प्लैक्सिस 2डी/3डी सॉफ्टवेयर के उपयोग के व्यावहारिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए इस शार्ट टर्म कोर्स पर भी प्रकाश डाला। इनोवेटिव सिस्टल के संस्थापक-सीईओ श्री रोमिंदर सिंह बेदी ने इस कोर्स के सेशंस, कंटेंट और उनकी प्रासंगिकता और महत्व पर जोर देते हुए, भू-तकनीकी मॉडलिंग में प्रैक्टिकल ऍप्लिकेशन्स और प्रगति पर अपनी विशेषज्ञ अंतर्दृष्टि साझा की।अपने शुरूआती भाषण में, प्रोफेसर राजेश कुमार भाटिया ने अकादमिक शिक्षा और उद्योग की जरूरतों के बीच अंतर को पाटने में ऐसे उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यक भूमिका को रेखांकित भी किया। उन्होंने पाठ्यक्रम के आयोजन में कोलैबोरेटिव पहल की भी सराहना की और प्रतिभागियों को अपने पेशेवर विकास के लिए इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इंडियन जियोटेक्निकल सोसाइटी चंडीगढ़ चैप्टर के सचिव और आईआईटी रोपड़ में सिविल इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. नवीन जेम्स ने अंततः धन्यवाद प्रस्ताव दिया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में उनके समर्थन और सक्रिय भागीदारी के लिए सभी सहयोगियों, गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का आभार भी व्यक्त किया। अल्पावधि पाठ्यक्रम ने पीईसी चंडीगढ़, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी रोपड़, आईआईटी जम्मू, एनआईटी जालंधर, एनआईटी सूरत जैसे प्रसिद्ध संस्थानों के छात्रों और सीबीआरआई रूड़की, सीडब्ल्यूपीआरएस, पुणे और एमईआरआई नासिक के पेशेवरों को भी आकर्षित किया।
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