चंडीगढ़, 3 नवंबर, 2026:- पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) द्वारा अपने कंप्यूटर सेंटर में “इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का परिचय” विषय पर एक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र कार्यशाला एवं कौशल विकास केंद्र, पीईसी के माध्यम से 2 से 5 नवंबर, 2026 तक आयोजित किए जा रहे डीटीई पंजाब डिप्लोमा विद्यार्थी प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आरएएमपी परियोजना के तहत आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन प्रो. रविंदरजीत वालिया, प्रधान अन्वेषक एवं आयोजक के नेतृत्व में किया जा रहा है। IoT सत्र का समन्वय डॉ. संजय बतीश, पाठ्यक्रम समन्वयक द्वारा किया गया, जिसमें श्री सुशील कुमार और श्री प्रभसिमरन सिंह बिंद्रा ने सह-समन्वयक के रूप में सहयोग दिया।

इस सत्र का उद्देश्य सैद्धांतिक शिक्षण और व्यावहारिक प्रशिक्षण के समन्वय के माध्यम से डिप्लोमा विद्यार्थियों को उभरती हुई तकनीकों से परिचित कराना था। विद्यार्थियों को IoT की मूलभूत अवधारणाओं, इसकी संरचना, प्रमुख घटकों तथा दैनिक जीवन और उद्योगों में इसके अनुप्रयोगों की जानकारी दी गई।

इस दौरान रास्पबेरी पाई (Raspberry Pi), सेंसर और IoT हार्डवेयर घटकों पर विशेष जोर दिया गया। व्यावहारिक प्रदर्शनों के माध्यम से विद्यार्थियों ने विभिन्न सेंसरों की कार्यप्रणाली, रास्पबेरी पाई के साथ उनकी इंटरफेसिंग तथा कनेक्टेड उपकरणों से डेटा एकत्र करने और उसका प्रसंस्करण करने के बुनियादी सिद्धांतों को समझा।

सत्र में स्मार्ट होम, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, औद्योगिक स्वचालन और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में IoT के अनुप्रयोगों पर भी प्रकाश डाला गया। संवादात्मक शिक्षण पद्धति ने विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता की कि किस प्रकार भौतिक उपकरण, सेंसर और कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म मिलकर बुद्धिमान एवं परस्पर जुड़े सिस्टम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी समझ को मजबूत करने तथा पारंपरिक कक्षा शिक्षण से आगे बढ़कर उभरती हुई तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला।

यह पहल पीईसी के कौशल विकास, व्यावहारिक शिक्षण और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य डिप्लोमा विद्यार्थियों को उन तकनीकों का आधारभूत ज्ञान प्रदान करना है, जिन्हें विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से अपनाया जा रहा है।