चंडीगढ़, 22 अक्तूबर:- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के तहत कार्यरत हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (HSACS) द्वारा राज्य में 'केयर सपोर्ट सर्विसेज' लागू करने के लिए पंजीकृत गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और समुदाय-आधारित संगठनों (CBOs) की सहायता भी ली जाएगी।

यह पहल घरेलू बजट अनुदान के तहत राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीडी नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के अंतर्गत समुदाय-आधारित हस्तक्षेप के रूप में शुरू की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों (PLHIV) को आउटरीच सेवाएं उपलब्ध करवाना और उनके उपचार की निरंतरता बनाए रखने में सहायता प्रदान करना है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह योजना राज्य के दो प्रमुख क्लस्टरों में लागू की जाएगी। इनमें फरीदाबाद क्लस्टर (फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, नूंह, रेवाड़ी और पलवल जिले) तथा कुरुक्षेत्र क्लस्टर (कुरुक्षेत्र, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कैथल और सोनीपत जिले) शामिल हैं। चयन के बाद संबंधित संस्थाओं को उपचार बीच में छोड़ने वाले मरीजों की पहचान और निगरानी करने, नए पहचाने गए मरीजों को पहले वायरल लोड टेस्ट तक ट्रैक करने तथा आउटरीच सेवाएं देने, निर्धारित वायरल लोड टेस्ट की निगरानी करने, अधिक वायरल लोड वाले मरीजों की काउंसलिंग करने, एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं और उनसे जन्मे बच्चों की देखभाल करने तथा पात्र मरीजों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी होंगी।

प्रवक्ता ने बताया कि इस कार्य के लिए एनजीओ/सीबीओ से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक और पात्र संस्थाएं सभी आवश्यक स्व-प्रमाणित दस्तावेजों (PDF प्रारूप) के साथ आवेदन की हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी ईमेल [email protected] तथा [email protected] पर 20 नवंबर 2026 को शाम 5:00 बजे तक जमा करवा सकती हैं। आवेदन के पात्रता मानदंड, दिशा-निर्देश और लेटर ऑफ इंटेंट का नमूना आधिकारिक वेबसाइटों haryanahealth.gov.in और haryanasacs.in पर उपलब्ध हैं।