चंडीगढ़, 10 अक्तूबर:- हरियाणा में सड़कों की मरम्मत से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए 10 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर आने वाली शिकायतों पर 10 दिन के भीतर कार्रवाई करके उनका निपटारा सुनिश्चित किया जाए। शिकायतें लंबित नहीं रहनी चाहिए और संबंधित अधिकारी समय पर काम पूरा करवाएं। मुख्यमंत्री सचिवालय में मुख्यमंत्री ‘म्हारी सड़क’ ऐप और विभिन्न विभागों के अधीन सड़कों की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में टाइलों के बजाय आरसीसी या तारकोल का इस्तेमाल किया जाए। पंचायत विभाग और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) सहित सभी विभागों की सड़कें लोक निर्माण विभाग (PWD) के निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार बनाई जाएं। यदि किसी अधिकारी की निगरानी में बनी सड़क निर्धारित समय से पहले खराब होती है और जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी के कार्य प्रदर्शन को उसकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) से जोड़ा जाएगा। बैठक के दौरान PWD, HSAMB, पंचायत विभाग, FMDA, GMDA, HSVP, HSIIDC और ULB के अधीन सड़कों की समीक्षा की गई। इन विभागों की सड़कों से संबंधित ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर मिली शिकायतों पर भी चर्चा हुई। जहां लापरवाही पाई गई, वहां मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए।


निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत के लिए मोबाइल नंबर किए जाएंगे सार्वजनिक

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के दौरान काम में अनियमितता या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत दर्ज कराने के लिए संबंधित विभाग का मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया जाए। इससे लोग निर्माण कार्य के दौरान ही गड़बड़ी की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। वहीं, सड़क खराब होने या मरम्मत की आवश्यकता से जुड़ी शिकायतें ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर दर्ज की जा सकेंगी, जिनका 10 दिन के भीतर निपटारा करना होगा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सड़क निर्माण स्थल पर ऐसे बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर निर्माण एजेंसी का नाम, सड़क निर्माण पूरा होने की तारीख, दोष दायित्व अवधि यानी डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड और संबंधित अधिकारियों के नाम तथा मोबाइल नंबर दर्ज हों। इससे लोगों को सड़क निर्माण और उसके रखरखाव से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।


हर जिले में मॉडल सड़क, गुरुग्राम में बनेंगी 10 आइकॉनिक सड़कें

बैठक में PWD अधिकारियों ने बताया कि विभाग हर जिले में एक मॉडल सड़क बना रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 18 फुट से अधिक चौड़ी सड़कों पर रोड मार्किंग, किनारों की लाइन और मोड़ों को बेहतर बनाया जाए। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरों में सड़कों को आकर्षक बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में 10 आइकॉनिक सड़कें विकसित की जाएंगी। इन पर स्मार्ट लाइटें, स्ट्रीट फर्नीचर और हरियाली के साथ-साथ नो-स्मोकिंग जोन, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर तथा डिस्प्ले पर जागरूकता संदेश जैसी सुविधाएं होंगी।


जीआईएस मैपिंग से शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंचेगी

बैठक में बताया गया कि लगभग 63,621.53 किलोमीटर सड़कों की जीआईएस मैपिंग पूरी हो चुकी है। इस व्यवस्था को एसडीओ (SDO) और जेई (JE) स्तर तक जोड़ा गया है, ताकि शिकायत सीधे संबंधित क्षेत्र के अधिकारी तक पहुंचे और कार्रवाई में देरी न हो।

HSIIDC और HSVP के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उनके अधीन क्षेत्रों में सड़कें खराब हालत में न रहें। सेक्टरों की सड़कों पर मार्किंग, पट्टियों और रंग-रोगन सहित सौंदर्यीकरण का ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के कारण निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए टेंडर और अन्य प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जाएं।


कॉलोनियों की सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी कॉलोनाइजर की

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कॉलोनाइजरों द्वारा विकसित कॉलोनियों में सड़कों के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनाइजर की होगी। ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर शिकायत मिलने पर उससे सड़क की मरम्मत करवाई जाएगी। यदि कॉलोनाइजर मरम्मत नहीं करवाता, तो विभाग अपने स्तर पर काम करवाकर खर्च उससे वसूल करेगा।


पुलों के पास लगाए जाएंगे जागरूकता संदेश, कीटनाशकों के अनावश्यक इस्तेमाल के खिलाफ भी होगा संदेश

राज्य के प्रमुख पुलों के आसपास जागरूकता संबंधी नारे लगाने पर भी चर्चा हुई। यहां ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, शिक्षा और अन्य सामाजिक विषयों से जुड़े संदेशों के साथ कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल के खिलाफ भी जागरूकता संदेश लगाए जाएंगे। कीटनाशकों के बेजा इस्तेमाल से जुड़ा संदेश इस पहल का खास हिस्सा होगा, ताकि सड़क से गुजरने वाले लोगों तक भी यह बात पहुंचे।


वर्ष 2026-27 में 7,352.26 किलोमीटर सड़कों के सुधार कार्य मंजूर

बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों के अधीन कुल 63,621.53 किलोमीटर सड़कों की समीक्षा की गई। वर्ष 2026-27 में 6,593 सड़कों के 7,352.26 किलोमीटर क्षेत्र में सुधार कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें से 769.35 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है, जबकि 1,347.14 किलोमीटर पर काम चल रहा है। शेष कार्य भी निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए।


तकनीक से शिकायतों पर कार्रवाई होगी आसान: राजीव यादव

बैठक में इन्फ्रास्ट्रक्चर सलाहकार श्री राजीव यादव ने कहा कि ‘म्हारी सड़क’ ऐप और जीआईएस मैपिंग से सड़क संबंधी शिकायतों को सही अधिकारी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे शिकायतों की निगरानी करना और समय पर कार्रवाई करना आसान होगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर ध्यान देने और विभागों के बीच बेहतर तालमेल से लोगों को अच्छी सड़कें मिलेंगी। इससे राज्य के शहरों और गांवों में आवागमन भी सुविधाजनक होगा।

बैठक के दौरान PWD (B&R) विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री ए.के. सिंह, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री विजेंद्रा कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक मीणा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।