नवांशहर, 3 अक्तूबर (देस राज बाली):- गुरु नानक साहिब जी के प्रकाश पर्व को समर्पित गुरु नानक मिशन सेवा सोसाइटी द्वारा जिले भर में शुरू की गई गुरमत समागमों की श्रृंखला का चौथा समागम गुरुद्वारा धन धन बाबा दीप सिंह जी शहीद में बड़ी श्रद्धा और चढ़दी कला के साथ आयोजित किया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा सजाए गए बेहद सुंदर और मनमोहक पंडाल में समागम की शुरुआत सोदरु रहिरास साहिब जी के पाठ से की गई।
पाठ के भोग के उपरांत तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो के हजूरी रागी जत्थे भाई निर्भय सिंह द्वारा अमृतमयी गुरबाणी के निरोल कीर्तन से संगतों को निहाल किया गया। उनके द्वारा गाए गए शबदों का संगत ने साथ-साथ उच्चारण करते हुए कीर्तन का भरपूर आनंद लिया। इसके उपरांत बाबा दीप सिंह जी शहीद गुरुद्वारा साहिब श्री अमृतसर जी के हेड ग्रंथी ज्ञानी सुरजीत सिंह सभरा ने धन धन श्री गुरु अंगद देव जी के गुरगद्दी पर्व तथा साहिब श्री गुरु नानक देव जी महाराज द्वारा सुल्तानपुर लोधी में बिताए गए 14 वर्ष के जीवन सफर के इतिहास के बारे में संगत के साथ विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की।
समागम की समाप्ति से पहले गुरु नानक मिशन सेवा सोसाइटी के मुख्य सेवादार सुरजीत सिंह ने गुरुद्वारा धन धन बाबा दीप सिंह से संबंधित संगत का विशेष धन्यवाद किया, जो पिछले लगातार सात वर्षों से नवांशहर में आयोजित होने वाले महान कीर्तन दरबार के दौरान बर्तनों की साफ-सफाई की निरंतर सेवा संभाल रही है। उन्होंने संगत से अपील की कि 14, 15 और 16 नवंबर को नवांशहर में होने वाले कीर्तन दरबार के दौरान भी बढ़-चढ़कर हाजिरी भरें और अपनी सेवा की मर्यादा को जारी रखें। समागम के दौरान मंच संचालन की सेवा भाई तरलोचन सिंह खटकड़ कलां द्वारा निभाई गई। इस समागम के दौरान बड़ी संख्या में संगत ने शिरकत की। आज के गुरमत समागम की समाप्ति के समय भाई हरनेक सिंह जी, प्रधान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को सोसाइटी की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर संगत में हरपाल सिंह, हरजिंदर सिंह, जगन नाथ सिंह, तरलोक सिंह, सरबजीत सिंह, सतीश सिंह, पलविंदर सिंह, प्रदीप सिंह के अलावा सोसाइटी की ओर से उत्तम सिंह सेठी, दीदार सिंह गहूंण, जगदीप सिंह, तरलोचन सिंह खटकड़ कलां, इंद्रजीत सिंह बाहड़ा, परमिंदर सिंह कंवल, जसविंदर सिंह सैनी, बाबा ज्ञान सिंह, जगजीत सिंह बाटा, पलविंदर सिंह करियाम, डॉ. भगवान सिंह, बख्शीश सिंह सैनी, कुलजीत सिंह खालसा, परमजीत सिंह मूसापुर, रामपाल राय, गुरपाल सिंह, दलजीत सिंह बडवाल और सुरिंदर सिंह भी शामिल थे।
