साहिबजादा अजीत सिंह नगर, 23 अक्टूबर:- ‘हर शुक्रवार, डेंगू पर वार’ अभियान के तहत जिला स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की रोकथाम के लिए जिले के विभिन्न निजी अस्पतालों में विशेष जांच और जागरूकता अभियान चलाया। सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन ने मोहाली के फोर्टिस अस्पताल का दौरा किया और अस्पताल परिसर में मच्छरों के पनपने की संभावित जगहों की जांच की।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि परिसर में कहीं भी पानी जमा न होने दिया जाए, क्योंकि डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है। जांच के दौरान स्वास्थ्य टीम को अस्पताल में दो स्थानों पर मच्छरों का लार्वा मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
डॉ. जैन ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि जिस टैंक में लार्वा मिला है, उसकी सप्ताह में एक बार सफाई सुनिश्चित की जाए और इस संबंध में अपनाई जा रही नियमित प्रक्रिया की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली जांच के दौरान लार्वा मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. अनामिका सोनी ने अस्पताल के कर्मचारियों को बताया कि डेंगू फैलाने वाले मच्छर का लार्वा कुछ ही दिनों में खतरनाक मच्छर बन सकता है, जो व्यक्ति की जान के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन के समय काटता है और साफ पानी में पनपता है।
उन्होंने बताया कि डेंगू एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से होने वाला बुखार है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज सिरदर्द और तेज बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाना और उल्टी आना शामिल हैं। गंभीर स्थिति में नाक, मुंह और मसूड़ों से खून भी बह सकता है।
स्वास्थ्य टीम में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक गुरबिंदरजीत सिंह, स्वास्थ्य कार्यकर्ता बलजीत सिंह, गुरजीत सिंह, भूपिंदर कुमार, ब्रीडिंग चेकर और अन्य कर्मचारी शामिल थे।
