गढ़शंकर/होशियारपुर (हरि कृष्ण गंगड़):- श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें गुरुपर्व को समर्पित श्री खुरालगढ़ साहिब की पवित्र धरती पर आयोजित किए जाने वाले विशाल धार्मिक समारोहों की तैयारियों के संबंध में पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर एवं गढ़शंकर के विधायक जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर प्रबंधों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने समारोहों को सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए की जा रही तैयारियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के दौरान डिप्टी स्पीकर रौड़ी ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी का 650वां गुरुपर्व समूची संगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर है। श्री खुरालगढ़ साहिब वह पवित्र स्थान है, जिसका श्री गुरु रविदास महाराज जी की जीवन यात्रा और ऐतिहासिक विरासत से विशेष संबंध है। इसलिए यहां होने वाले समारोहों की तैयारियां पूरी श्रद्धा, गंभीरता और योजनाबद्ध ढंग से की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इन ऐतिहासिक समारोहों में पंजाब के विभिन्न हिस्सों के अलावा देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगत के पहुंचने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए संगत की आवाजाही, वाहनों की पार्किंग, सड़कों की मरम्मत एवं व्यवस्था, पीने के साफ पानी, साफ-सफाई, रोशनी, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।

डिप्टी स्पीकर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने विभाग से संबंधित कार्यों की रूपरेखा तैयार करके निर्धारित समय के भीतर उन्हें पूरा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विभाग की लापरवाही के कारण संगत को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करें और प्रबंधों की निरंतर निगरानी भी सुनिश्चित करें।

उन्होंने विशेष रूप से यातायात प्रबंधों पर जोर देते हुए कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब पहुंचने वाली संगत के लिए यातायात सुचारू बनाने के उद्देश्य से उचित योजना तैयार की जाए, ताकि गुरुपर्व समारोहों के दौरान किसी प्रकार की यातायात समस्या उत्पन्न न हो। इसके अलावा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस, मेडिकल टीमों और अन्य आवश्यक सुविधाओं के भी उचित प्रबंध किए जाएं।

श्री रौड़ी ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने समूची मानवता को समानता, आपसी भाईचारे, साझा सद्भाव और मानवता की सेवा का महान संदेश दिया है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि 650वें गुरुपर्व समारोहों में अधिक से अधिक संगत की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ-साथ धार्मिक मर्यादा और श्री खुरालगढ़ साहिब की पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाए।

उन्होंने कहा कि ये समारोह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि श्री गुरु रविदास महाराज जी की महान विचारधारा, सर्व-साझीवालता और ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण अवसर हैं। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी लगन और ईमानदारी से निभाए, ताकि ये ऐतिहासिक समारोह सुचारू, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।

बैठक के दौरान समारोहों से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया और आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।