चंडीगढ़, 13 अक्तूबर:- हरियाणा के स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य और साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में साफ-सफाई, हाउसकीपिंग, छतों की सफाई, शौचालयों की स्वच्छता, खेल के मैदानों के रखरखाव और जल निकासी की उचित व्यवस्था के लिए व्यवस्थित रूप से बजट जारी कर दिया गया है।
जिन प्राथमिक स्कूलों में पार्ट-टाइम कर्मचारी कार्यरत नहीं हैं, वहां इन व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विभाग की ओर से ‘स्वच्छ प्रांगण’ योजना के तहत 8,000 रुपये प्रति स्कूल प्रति माह की दर से बजट सीधे जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) के रूप में जारी किया गया है।
शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों, मुख्य अध्यापकों, मुख्य अध्यापिकाओं, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के अध्यक्षों से अपील की है कि वे इस बजट का समयबद्ध और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित स्कूलों को तुरंत राशि आवंटित करके जमीनी स्तर पर कार्य करवाना अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे स्वच्छ, स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा ढांचे को और मजबूत तथा आदर्श बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
