नई दिल्ली:- यूपीआई के जरिए किए जाने वाले भुगतानों पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने को लेकर जताई जा रही चिंताओं और पैदा हुए विवाद के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए चुनिंदा वाणिज्यिक लेन-देन पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को दिवाली के बाद तक के लिए स्थगित कर दिया है।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने चुनिंदा व्यक्ति-से-व्यापारी (पर्सन-टू-मर्चेंट) लेन-देन पर एमडीआर लागू करने की तारीख आगे बढ़ा दी है। इसकी नई तारीख की घोषणा दिवाली के बाद अलग से की जाएगी। पहले यह नियम 15 अक्टूबर से लागू होना था, लेकिन अब इसके जनवरी से लागू होने की संभावना जताई जा रही है।
क्या था नया नियम?
उल्लेखनीय है कि 15 सितंबर को एनपीसीआई ने घोषणा की थी कि यूपीआई के जरिए किए जाने वाले 2,000 रुपये से अधिक के बड़े वाणिज्यिक लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। 75,000 रुपये या इससे अधिक के लेन-देन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये प्रति लेन-देन निर्धारित किया गया था।
