चंडीगढ़, 23 अक्टूबर:- हरियाणा सरकार राज्य के नागरिकों को स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने और दूध तथा दूध से बने उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में द हिसार-जिंद को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड (वीटा) ने हिसार जिले में विभिन्न निर्धारित स्थानों पर वीटा मिल्क बूथों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए इन मिल्क बूथों के आवंटन में विशेष आरक्षण व्यवस्था लागू की है। इसके तहत दिव्यांग व्यक्तियों, महिलाओं और युद्ध विधवाओं, पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों, दूध उत्पादकों के आश्रितों, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा रक्षा बलों के पूर्व सैनिकों के लिए विभिन्न स्थानों पर बूथ आरक्षित किए गए हैं, जबकि कुछ स्थान सामान्य वर्ग के लिए भी रखे गए हैं। यह पहल न केवल स्थानीय निवासियों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराएगी, बल्कि युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकारी प्रवक्ता ने आगे बताया कि इच्छुक आवेदक 500 रुपये आवेदन शुल्क, निर्धारित 5,000 रुपये की सुरक्षा राशि और आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन द हिसार-जिंद को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। आवेदन फॉर्म, नियम एवं शर्तें तथा बूथ आवंटन की विस्तृत जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.vita-haryana.gov.in और दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके प्राप्त की जा सकती है। आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि 23 नवंबर 2026 को शाम 5:00 बजे तक निर्धारित की गई है।
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि आवंटन मिलने के बाद आवेदक को 15 दिनों के भीतर नगर निगम या सक्षम प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करना होगा। यदि किसी कारण निर्धारित स्थान पर बूथ लगाने की अनुमति नहीं मिलती है, तो यूनियन किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर आवंटन करने का प्रयास करेगी। हालांकि, किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा राशि जब्त नहीं की जाएगी।
