कैमरे चालान के लिए ही क्यों गड्ढों के लिए क्यों नहीं
हरोली/ऊना, 14 मार्च (राजवीर चोपड़ा):- आजकल सड़कों पर लगे कैमरे तुरंत यह पकड़ लेते हैं कि किस वाहन चालक ने हेलमेट नहीं पहना या सीट बेल्ट नहीं लगाई। नियम तोड़ते ही कुछ ही समय में वाहन चालक का चालान भी कट जाता है। तकनीक इतनी तेज और आधुनिक हो चुकी है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन तुरंत रिकॉर्ड हो जाता है और जुर्माना भरना पड़ता है।
लेकिन सवाल यह उठता है कि जब यही कैमरे इतनी तेजी से नियम उल्लंघन पकड़ लेते हैं, तो क्या ये कैमरे सड़कों पर पड़े गड्ढे नहीं देख सकते? जगह-जगह टूटी सड़कें और गड्ढे कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, लेकिन इन्हें सुधारने के लिए ऐसी कोई तकनीक इस्तेमाल होती दिखाई नहीं देती।
लोगों का कहना है कि यदि तकनीक का उपयोग चालान काटने के लिए किया जा सकता है, तो उसी तकनीक का उपयोग सड़कों की खराब हालत पर नजर रखने और समय पर मरम्मत करवाने के लिए भी किया जाना चाहिए। यदि सड़कों पर लगे कैमरे गड्ढों, टूटी सड़कों और खतरनाक स्थानों की पहचान कर प्रशासन को सूचना दें, तो कई हादसों को रोका जा सकता है।
साथ ही कई स्थानों पर सड़कों पर होने वाली घटनाएं और समस्याएं भी कैमरों की नजर से बच जाती हैं। ऐसे में लोगों का मानना है कि तकनीक का इस्तेमाल केवल जुर्माना वसूलने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जनहित और सड़क सुरक्षा के लिए भी प्रभावी तरीके से किया जाना चाहिए।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग सड़कों की निगरानी, गड्ढों की पहचान और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी किया जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और बेहतर सड़कें मिल सकें।
