उपेक्षा का शिकार हुआ वीरभद्र चौक संतोखगढ़ की पहचान पर लग रहा ग्रहण

संतोखगढ़/ऊना, 98 जून (राजवीर चोपड़ा):- एक समय प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान रखने वाला नगर परिषद संतोखगढ़ आज विकास और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण अपनी चमक खोता नजर आ रहा है। कभी विभिन्न सरकारी कार्यालयों और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र रहने वाला संतोखगढ़ धीरे-धीरे अपने महत्वपूर्ण संस्थानों से वंचित होता गया और कई कार्यालय यहां से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिए गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी संतोखगढ़ विधानसभा क्षेत्र का नाम पूरे प्रदेश और देश में गूंजता था, लेकिन वर्तमान समय में यह क्षेत्र अपनी पहचान बनाए रखने के लिए संघर्ष करता दिखाई दे रहा है।
नगर के नंगल मार्ग पर स्थित वीरभद्र चौक भी प्रशासनिक अनदेखी का शिकार बनता नजर आ रहा है। कुछ समय पूर्व इस चौक का सौंदर्यीकरण किया गया था ताकि नगर की सुंदरता में वृद्धि हो सके, लेकिन वर्तमान में चौक के चारों ओर लगे फ्लैक्स बोर्ड और टीन की चादरों ने इसकी सुंदरता को प्रभावित कर दिया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वीरभद्र चौक नगर की पहचान से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थल है, लेकिन इसके रखरखाव की ओर न तो नगर परिषद का ध्यान जा रहा है और न ही जिला प्रशासन इस ओर गंभीर दिखाई दे रहा है। लोगों ने मांग की है कि चौक से अनावश्यक फ्लैक्स और अन्य अवरोध हटाकर इसकी सुंदरता को पुन बहाल किया जाए तथा नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
नगरवासियों का मानना है कि यदि समय रहते नगर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े स्थलों का संरक्षण नहीं किया गया तो संतोखगढ़ अपनी शेष पहचान भी खो सकता है।
एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल का कहना है कि यह मामला मेरे ध्यान में नही था जल्द ही संतोखगढ़ में बने वीरभद्र चौक की रिपोर्ट प्राप्त की जाएगी।