पोषण व स्वच्छता से होगा ग्रामोदय डॉ चौहान

नीलोखेड़ी/ करनाल, 30 दिसंबर:-  स्वस्थ समाज की नींव पोषणयुक्त भोजन, स्वच्छ वातावरण और जागरूक नागरिकों से ही रखी जा सकती है । यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने कही। वे संस्थान में चल रहे “भोजन, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता” विषय पर तीन दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। 
कार्यक्रम का संचालन संस्थान के संकाय सदस्य एवं कार्यक्रम समन्वयक सुशील मेहता द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि भोजन, पोषण और स्वच्छता आपस में गहराई से जुड़े विषय हैं और इनके बिना स्वस्थ समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।
डॉ चौहान ने कहा कि ग्रामीण भारत की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब भोजन केवल पेट भरने तक सीमित न रहकर पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ा हो।
डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान स्वच्छता केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जन-भागीदारी और व्यवहार परिवर्तन से आती है। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को केवल कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर इसे व्यवहार में उतारें और ग्रामीण समुदाय को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता एक-दूसरे के पूरक हैं और इन तीनों के संतुलन से ही सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वस्थ ग्रामीण भारत का निर्माण किया जा सकता है।
डॉ चौहान ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि भोजन को केवल स्वाद और मात्रा के आधार पर नहीं, बल्कि पोषण मूल्य के आधार पर अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि कुपोषण केवल स्वास्थ्य की समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास में भी बड़ी बाधा है। यदि ग्रामीण परिवार पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो जाएँ, तो अनेक बीमारियों से स्वतः ही बचाव संभव है। 
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से आग्रह किया कि वे स्वयं उदाहरण बनें और गांव-गांव तक स्वच्छता, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश पहुंचाएं, तभी इस प्रशिक्षण की सार्थकता सिद्ध होगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण विकास  संस्थान से कॉर्डिनेटर आशीष सिंह और प्रतिभागी मौजूद रहे।