वेटरनरी विश्वविद्यालय ने ‘वन हेल्थ’अवधारणा पर कार्यशाला का किया आयोजन
लुधियाना 27 जनवरी 2025- गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के सेंटर फॉर वन हेल्थ द्वारा ‘भारत में पशु-से-मानव रोगों के लिए वन हेल्थ दृष्टिकोण’विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला वेटरनरी साइंस कॉलेज, लुधियाना, वेटरनरी साइंस कॉलेज, रामपुरा फूल और कालेज आफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज, अमृतसर के शोधकर्ताओं और शिक्षकों के लिए इस क्षेत्र में पेशेवर विशेषज्ञता, कौशल और संसाधन प्रदान करने के लिए आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला को इंटरनेशनल नेटवर्क फॉर गवर्नमेंट साइंस एडवाइस (एशिया क्षेत्र) द्वारा समर्थित किया गया था।
इस पहल के बारे में बोलते हुए डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल, वाइस चांसलर ने कहा कि विश्वविद्यालय वन हेल्थ दृष्टिकोण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, क्योंकि हमें सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करने वाली सभी उभरती बीमारियों को रोकने के लिए ऐसे प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक बेहतरीन मंच है।
डॉ अनिल कुमार अरोड़ा, निदेशक अनुसंधान ने कार्यशाला के विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने वन हेल्थ के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा की जा रही अनुसंधान गतिविधियों पर प्रकाश डाला और कहा कि हम क्षमता निर्माण के माध्यम से मानव, पशु और पर्यावरण के स्वास्थ्य को नए परिप्रेक्ष्य में देख रहे हैं।
डॉ जसबीर सिंह बेदी, सेंटर फॉर वन हेल्थ के निदेशक ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि यह केंद्र जन स्वास्थ्य की रक्षा तथा पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष कार्य कर रहा है। उन्होंने इस क्षेत्र में पशु चिकित्सा पेशेवरों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। डॉ पंकज ढाका प्रशासनिक सचिव ने पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला तथा बताया कि ये किस प्रकार सामाजिक-आर्थिक संरचना को प्रभावित करती हैं। इस केंद्र के विभिन्न शिक्षकों ने विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिए और व्यावहारिक समाधान बताए।
