वेटरनरी विश्वविद्यालय ने पशुओं के लिए चुंबक चिकित्सा शिविर का किया आयोजन

लुधियाना 28 मई 2025- गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने गांव महल कलां में पशुओं के लिए चुंबक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। यह शिविर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रायोजित फार्मर फर्स्ट परियोजना के तहत आयोजित किया गया।
डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल, निदेशक प्रसार शिक्षा एवं परियोजना अधिकारी तथा डॉ. परमिंदर सिंह, मुख्य निरीक्षक ने पूरी परियोजना टीम को नेतृत्व प्रदान करते हुए किसानों को विभिन्न पूरक उत्पाद और नई जानकारी प्रदान करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. राजेश कसरीजा और डॉ. प्रतीक सिंह धालीवाल ने इस शिविर का आयोजन किया तथा पशुओं के पेट में डाले जाने वाले चुंबक चिकित्सा पद्धति के बारे में बताया और 15 पशुओं के पेट में ये चुंबक डाले।
डॉ. कसरीजा ने बताया कि इस चुंबक को मुंह के माध्यम से पशु के पेट में भेजा जाता है, जिसकी सुरत कैप्सूल जैसी होती है और इसकी लंबाई 70 मिमी होती है। जब इसे पशु के पेट में डाला जाता है, तो भूसे या चारे के साथ जो कीलें , पिन, सुइयां, पेंच या तार के टुकड़े पशु के अंदर चले जाते हैं वो इस चुम्बक से चिपक जाते हैं । फिर यह चीजें आगे नहीं बढ़ पातीं या पेट के अंदर अंदरूनी चोट नहीं पहुंचाती हैं। 
कई बार ऐसी नुकीली चीजें पशु को काफी नुकसान पहुंचाती हैं और कई पशु मर भी जाते हैं। इससे अनावश्यक रूप से जान भी चली जाती है और पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान भी होता है। लाभार्थी किसानों ने इस चुम्बक के प्रति काफी उत्साह दिखाया और इस बात की सराहना की कि वेटरनरी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ पशुओं के कल्याण के लिए काफी प्रयास कर रहे हैं।