विभिन्न संगठनों ने देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले को याद किया
गढ़शंकर, 4 जनवरी- डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब की इकाई गढ़शंकर की देखरेख में मिड डे मील वर्करों, आंगनवाड़ी और आशा वर्करों द्वारा; भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले की जयंती पर उनकी साथी शिक्षिका बीबी फातिमा शेख को संयुक्त रूप से याद कर परिचर्चा आयोजित की गयी. इस विचार का नेतृत्व बलविंदर कौर, डेमोक्रेटिक मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की नेता कमला देवी और आशा वर्कर्स यूनियन की नेता महिंदर कौर चक सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
इस समय विभिन्न वक्ताओं डीटीएफ नेता सुखदेव दानसीवाल, भूपिंदर सिंह सरोआ, प्रख्यात लेखक अजमेर सिद्धु, प्रिंसिपल बिकर सिंह, प्रिंसिपल जगदीश रॉय, बलविंदर सिंह खानपुर, कर्नल सिंह महलपुर ने संबोधित करते हुए कहा; सावित्री बाई फुले ने अपने पति जोतिबा फुले की दूरदर्शी सोच और अपने दोस्तों उस्मान शेख और फातिमा शेख की मदद से लड़कियों की शिक्षा के लिए जो काम किया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने बताया कि जब जोतिबा फुले ने सावित्री बाई को पढ़ाने की कोशिश की तो घर से ही उनका विरोध शुरू हो गया और उन्हें घर से निकाल दिया गया. जी हां, जोतिबा फुले के दोस्त उस्मान शेख और उनकी बहन फातिमा शेख ने इस जोड़े को अपने घर में आश्रय दिया और उस्मान शेख के घर में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला गया और हिंदू मुस्लिम एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया जो रूढ़िवादी लोगों को पसंद नहीं आया।
इस मौके पर डीटीएफ नेता मुकेश कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में शिक्षा के निजीकरण और बाजारीकरण के कारण आम लोगों खासकर लड़कियों से शिक्षा छीन गयी है ललिया, चरणजीत कौर गरशंकर, सुखविंदर कौर, परमजीत कौर, गुरप्रीत कौर, नविता, रणजीत कौर, मैडम सुनीता सारा सिद्धू, सीएचटी राम सरूप सिंह, नरिंदर सिंह, दविंदर सिंह, संदीप सिंह डांसीवाल, गुरमेल सिंह, हरदेव राय मुख्य प्रबंधक, प्रिंसिपल दलवाड़ा सिंह, मनजीत सिंह बोरा, दलविंदर सिंह, जोधा मल होशियारपुर, अमरजीत सिंह बांगड़, परमजीत चौहरा, रमेश मल्कोवाल, संजीव कुमार पीटीआई, और नरजन चांदपुर रूड़की आदि मौजूद रहे।
