विश्वविद्यालय साहित्यिक दृष्टि से उपेक्षित किंतु महत्वपूर्ण साहित्यिक रूपों को आगे लाने के लिए प्रयासरत डॉ रटन सिंह
पटियाला:- जगत गुरु नानक देव पंजाब स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, पटियाला और साहित्य अकादमी, दिल्ली द्वारा विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यालय, पटियाला में आयोजित एक समारोह के दौरान, पंजाबी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सर्वरिंदर सिंह द्वारा संपादित मिनी कहानी संग्रह 'कथा कणियां' का लोकार्पण किया गया।
लोकार्पण की रस्म विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) रटन सिंह, चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. मनमोहन, रजिस्ट्रार डॉ. बलजीत सिंह खैहरा, डायरेक्टर सीका डॉ. कुलदीप वालिया, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के पंजाबी विभाग के प्रमुख डॉ. मनिंदर सिंह, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के पंजाबी विभाग के चेयरपर्सन डॉ. कुलदीप सिंह, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से डॉ. मोहन त्यागी, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से डॉ. प्रवीन कुमार, पंजाबी विभाग के डॉ. अमरजीत सिंह, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, पब्लिकेशन ब्यूरो के डॉ. जगजीत सिंह और मिनी मैगजीन के संपादक जगदीश राय कुलरियां ने निभाई।
यह पुस्तक विश्वविद्यालय के पब्लिकेशन ब्यूरो द्वारा प्रकाशित की गई है। इस पुस्तक में पंजाबी के 71 मिनी कहानी लेखकों की रचनाएं हैं और एक लेख इसके इतिहास पर प्रकाश डालता है।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रटन सिंह ने कहा कि जहां विश्वविद्यालय पंजाब के ग्रामीण और शिक्षा की दृष्टि से पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा का प्रकाश फैलाने की अथक कोशिश कर रहा है, वहीं साहित्यिक रूप से हाशिए पर रहे या बहुत कम ध्यान दिए गए किंतु वर्तमान दौर के बहुत ही महत्वपूर्ण और आवश्यक साहित्यिक रूपों को आगे लाने के लिए भी प्रयासरत है। मिनी कहानियों की यह संपादित पुस्तक 'कथा कणियां' इसी कड़ी का एक अगला प्रयास है।
विभिन्न वक्ताओं ने इस पुस्तक के संबंध में विचार रखते हुए डॉ. सर्वरिंदर सिंह को बधाई दी। इस अवसर पर डॉ. अमरजीत कौंके, अवतारजीत, बीर इंदर बनभौरी, दविंदर पटियालवी, नवदीप मुंडी, गुरसेवक सिंह रड़की, बूटा सिंह सिरसीवाला, अमृतपाल शैदा, बलविंदर सिंह भट्टी, सतनाम चौहान, जोगा सिंह धनौला, रिपनजीत सोनी बग्गा आदि बड़ी संख्या में लेखक और पाठक उपस्थित थे। धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. अमरजीत सिंह द्वारा किया गया।
