जान बचाने की ट्रेनिंग
पटियाला, 21 मई- पीआरटीसी के चेयरमैन एमडी व जनरल मैनेजर के आदेशों की पालना करते हुए ड्राइवर कंडक्टर ट्रेनिंग स्कूल में पंजाब के विभिन्न जिलों से ड्राइवर व कंडक्टर आपात स्थिति के दौरान कीमती जान बचाने की ट्रेनिंग लेने पहुंचे। प्राथमिक चिकित्सा सुरक्षा स्वास्थ्य जागरूकता मिशन के मुख्य प्रशिक्षक व भारत सरकार के आपदा प्रबंधन नागरिक सुरक्षा प्राथमिक चिकित्सा अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षक श्री काका राम वर्मा ने बताया कि किसी भी व्यक्ति की अचानक मौत को रोकने के लिए उस बेहोश, घायल या दौरा पड़ने वाले व्यक्ति को दुर्घटना स्थलों पर उचित प्राथमिक उपचार देकर ही बचाया जा सकता है। क्योंकि अस्पतालों तक पहुंचने में काफी समय लगता है।
मौत तब होती है जब पीड़ित की सांस, दिल व दिमाग की कार्यप्रणाली बंद हो जाती है। अत्यधिक रक्तस्राव व खून की उल्टी या सांस की नली में कुछ फंस जाता है। उन्होंने कहा कि पीड़ित को रिकवरी या वेंटिलेटर पोजीशन में लिटाकर सांस, दिल व दिमाग को रोका जा सकता है। लेकिन बेहोश हार्ट अटैक के शिकार लोगों को पानी नहीं देना चाहिए क्योंकि पानी सांस की नली में चला जाता है और सांस रुक जाती है।
उन्होंने हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, अचेतन शॉक, काला पीलिया, शुगर ब्लड प्रेशर, नशे, तंबाकू, सिगरेट आदि से बचने तथा आपात स्थिति में पीड़ितों को बचाने के बारे में जानकारी दी। स्कूल इंचार्ज इंस्पेक्टर जसपाल सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 45 वर्षों से श्री काका राम वर्मा जी विद्यार्थियों, अध्यापकों, पुलिस फैक्टरी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर पीड़ितों की मदद करने वाले देवदूत बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
घायलों को उचित प्राथमिक उपचार, सीपीआर, वेंटिलेटर कृत्रिम श्वसन तथा मौके पर ही देखभाल करके अधिकतर मौतों को बचाया जा सकता है। इसलिए काका राम वर्मा जैसे विषय विशेषज्ञों से प्रशिक्षण जरूरी है। काका राम वर्मा ने युवाओं, नागरिकों तथा कर्मचारियों से सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक तथा पीड़ितों के मददगार मित्र बनने की अपील की।
