तीन दिवसीय प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रदर्शनी मेले का हुआ समापन

हिसार, 09 मार्च:- भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधीन एमएसएमई-विकास कार्यालय भिवानी द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए जिले की ग्रीन स्क्वायर मार्केट के नजदीक स्थित अग्रसेन भवन में तीन दिवसीय प्रदर्शनी-मेले का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर हिसार मेयर प्रवीण पोपली तथा जिला परिषद के अध्यक्ष सोनू सिहाग डाटा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
मेयर प्रवीण पोपली ने प्रदर्शनी का दौरा करते हुए प्रदर्शनी में प्रदर्शित उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक हुनर हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान है और इसे संजोकर आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। 
ऐसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को सीधे बाजार से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मेयर ने कारीगरों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे अपने हुनर को आधुनिक तकनीक और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ें, ताकि उनके उत्पाद देश-विदेश तक पहुंच सकें। उन्होंने आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा जताई। 
जिला परिषद के अध्यक्ष सोनू सिहाग डाटा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत इन कारीगरों के हुनर में झलकती है, जिन्हें प्रोत्साहन और उचित मंच प्रदान करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की प्रदर्शनी न केवल कारीगरों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर देती है, बल्कि उन्हें सीधे बाजार से जोडक़र आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मजबूत कदम है। 
उन्होंने आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को निरंतर प्रोत्साहन मिलता रहे और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिल सके। समापन अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें महिला प्रतिभागियों ने हरियाणा की पारंपरिक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। इस दौरान उत्कृष्ट स्टॉल सजावट और सर्वाधिक बिक्री करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
एमएसएमई-विकास कार्यालय भिवानी की सहायक निदेशक प्रभारी रचना त्रिपाठी ने बताया कि यह मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देना, कारीगरों को उचित मूल्य दिलाना तथा उनकी आय में वृद्धि करना है। उन्होंने बताया कि कारीगरों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी अपने उत्पादों की बिक्री के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
 प्रदर्शनी में लगभग 50 स्टॉल लगाए गए, जिनमें विभिन्न श्रेणियों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए। आगंतुकों ने कारीगरों के उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की और अच्छी खरीदारी की। आयोजकों द्वारा प्रतिभागियों को नि:शुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम में हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक विरेंद्र श्योराण सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।