राजपुरा शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है

राजपुरा 11 फरवरी- राजपुरा में अक्सर आवारा कुत्ते देखे जाते हैं। ये कुत्ते हमेशा झुंड में रहते हैं और राहगीरों और बच्चों समेत आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। जिसके कारण कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। 
इन आवारा कुत्तों से परेशान मोहल्ले के निवासियों ने बताया कि ये आवारा कुत्ते अक्सर यहां घूमते रहते हैं और कई बार अकेली महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर हमला कर चुके हैं। 
इस बारे में कई बार नगर परिषद को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन नगर परिषद द्वारा कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। 
हम सभी मोहल्ले के निवासी आवारा कुत्तों के इस आतंक से परेशान हैं। हम स्थानीय सरकार से मांग करते हैं कि नगर परिषद द्वारा जल्द से जल्द इन आवारा कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस बारे में जब हमने सेनेटरी इंस्पेक्टर राजपुरा विकास चौधरी से बात की तो उन्होंने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए ओपन टेंडर दिया गया है और करीब 150 आवारा कुत्तों की नसबंदी की गई है। लेकिन जब आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी के लिए ले जाया जाता है तो कुछ कुत्ता प्रेमी आपत्ति जताते हैं।
लेकिन असलियत में राजपुरा की हर गली-मोहल्ला इन आवारा कुत्तों के उत्पात से परेशान है। इस बारे में जब हमने एसएमओ मैडम सोनिया जंगवाल से बात की तो उन्होंने बताया कि राजपुरा अस्पताल में 200 से ज्यादा कुत्ते काटने के मामले आते हैं और उनका इलाज हमारे द्वारा किया जाता है।