हरिनाम में संसार के समस्त संकटों का समाधान छिपा है रुक्मणि दास

करनाल, 22 नवंबर:- प्रसिद्ध श्रीमद्भागवत कथा वाचिका डॉ. रुक्मणि दास जी ने कहा कि कलयुग में हरिनाम संकीर्तन ही भगवान के धाम तक पहुँचने का सर्वश्रेष्ठ मार्ग है। वह सेक्टर-7 स्थित श्री गंगा मौर्या एन्क्लेव में चल रही कथा में प्रवचन दे रही थीं। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से जो मार्ग पाँच हजार वर्ष पूर्व दिखाया था, वही आज भी मानवता की सभी चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है। 
धर्म नफरत नहीं, बल्कि प्रेम और एकता का संदेश देता है।रुक्मणि दास जी ने भगवान कृष्ण के जन्म प्रसंग का अत्यंत मनोहारी और सरल भाषा में वर्णन किया, जिससे पूरा पांडाल मथुरा और वृंदावन की दिव्यता से भर उठा। कथा के मुख्य यजमान रामकिशन गोयल व उनका परिवार विशेष रूप से उपस्थित रहा। 
डॉ. रुक्मणि दास, वैदिक ज्योतिष विशेषज्ञ और पूर्व सहायक प्राध्यापिका हैं। वह पंद्रह वर्ष की आयु से भक्ति मार्ग पर अग्रसर हैं और देश-विदेश में कथा एवं भजन के माध्यम से भक्ति का संदेश दे चुकी हैं।