लुवास में शिक्षकों को पदोन्नति कुलपति ने सौंपे आदेश

हिसार:- लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार में कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत विभिन्न विभागों के शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान की गई। विश्वविद्यालय की पर्सोनल कमेटी एवं बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की अनुशंसा पर कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा ने बुधवार को कुलपति सचिवालय में पदोन्नति आदेश जारी किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. आर. एन. चौधरी भी उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार डॉ. अशोक कुमार मलिक (मीट टेक्नोलॉजी), डॉ. विकास नेहरा (वेटरिनरी पैथोलॉजी), डॉ. रेनू गुप्ता (वेटरनरी पब्लिक हेल्थ), डॉ. ज्ञान सिंह (वेटरिनरी गायनेकोलॉजी एवं ऑब्स्टेट्रिक्स), डॉ. दिव्या अग्निहोत्री (वेटरिनरी मेडिसिन), डॉ. अमन कुमार (एनिमल बायोटेक्नोलॉजी), डॉ. वंदना भनोट (वेटरिनरी माइक्रोबायोलॉजी) तथा डॉ. दीपिका (वेटरिनरी पैथोलॉजी) को कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के अंतर्गत पदोन्नति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त डॉ. बिस्वा रंजन महारणा को सीनियर साइंटिस्ट (वेटरनरी पैरासिटोलॉजी) के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा ने सभी पदोन्नत शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक किसी भी विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उन्होंने कहा कि पदोन्नति केवल उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों के प्रति विश्वास का प्रतीक भी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी पदोन्नत शिक्षक शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार सभी पदोन्नतियां विश्वविद्यालय की अधिसूचित कैरियर एडवांसमेंट स्कीम, विश्वविद्यालय अधिनियम तथा समय-समय पर जारी नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदान की गई हैं।
इस अवसर पर लुवास शिक्षक संघ (लुवास्टा) के अध्यक्ष डॉ. अमित पूनिया ने सभी पदोन्नत शिक्षकों को समस्त लुवास्टा की तरफ़ से बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्य का सम्मान है। उन्होंने कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा तथा विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों की पदोन्नति से संबंधित मामलों का समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण करना प्रशासन की सकारात्मक कार्यशैली को दर्शाता है। 
इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, उनमें नई ऊर्जा का संचार होगा तथा वे शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करते हुए विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।