खालसा त्रिशताब्दी राजकीय महाविद्यालय रतिया में विद्यार्थियों को स्वगणना अभियान के प्रति किया गया जागरूक

रतिया, 23 अप्रैल:- खालसा त्रिशताब्दी राजकीय महाविद्यालय, रतिया में विद्यार्थियों को स्व-गणना  की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में डेटा और जनगणना के महत्व से विस्तार से अवगत कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ सुमित्रा सांगवान ने विधिवत रूप से इसकी शुरुआत की। 
अपने संबोधन में प्राचार्या ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्रीय अभियान की सफलता की मुख्य कड़ी होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सटीक आंकड़ों के माध्यम से ही सरकार बेहतर नीतियां और योजनाएं तैयार कर सकती है, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को खुद जागरूक होकर अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी इस प्रक्रिया से जोड़ने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। 
साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि हरियाणा में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक किया जाना है, लेकिन इससे पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक 'स्व-गणना' की विशेष सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध है। 
इस कार्यक्रम में कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर अंजली भारती व गुरबाज कौर ने विद्यार्थियों को स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया के बारे में अत्यंत विस्तार से समझाया। उन्होंने डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए डेटा दर्ज करने के सरल चरणों पर प्रकाश डाला और बताया कि किस प्रकार यह आधुनिक तकनीक समय की बचत करने के साथ-साथ त्रुटिहीन जानकारी एकत्र करने में सहायक सिद्ध होती है। 
उन्होंने बताया कि नागरिक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं। इसके बाद डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिह्नित कर परिवार का विवरण भरना होगा, जिसके बाद एक SE ID प्राप्त होगी जिसे प्रगणक के आने पर उन्हें दिखाना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों के तकनीकी संशयों को दूर करते हुए उन्हें फील्ड वर्क और ऑनलाइन डेटा एंट्री की बारीकियों से रूबरू करवाया।
इस अवसर पर महाविद्यालय का स्टाफ भी पूर्ण रूप से सक्रिय रहकर कार्यक्रम के प्रबंधन में सहयोग दिया और विद्यार्थियों को विभिन्न समूहों में चर्चा के लिए प्रेरित किया। सभी स्टाफ सदस्यों ने बताया कि इस तरह के अभियानों से विद्यार्थियों में नागरिक बोध और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। स्टाफ ने यह भी बताया कि इस डिजिटल प्रक्रिया से न केवल डेटा का प्रसंस्करण तेज़ होगा बल्कि सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रहेंगी। 
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं की गणना सुनिश्चित करेंगे बल्कि अपने आस-पड़ोस में भी लोगों को इस डिजिटल अभियान का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करेंगे ताकि फतेहाबाद जिले में इस अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सके।