नशे को त्यागने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति होना जरूरी तहसीलदार डॉ अनिल कुमार बिढान
हांसी:- विश्व नशा मुक्ति दिवस के उपलक्ष्य में स्थानीय विश्वास नशा मुक्ति एवं पुनर्वास समिति के परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशा छोड़ चुके लोगों को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर तहसीलदार डॉ. अनिल कुमार बिढान ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए एक गंभीर समस्या है, जो व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि युवा शक्ति ही देश का भविष्य है। यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे तो समाज और राष्ट्र मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि नशे की लत से बाहर निकलना आसान नहीं होता, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति, परिवार के सहयोग और समाज के समर्थन से इसे छोड़ा जा सकता है।
डॉ अनिल विधान ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति की सेहत को ही नहीं बल्कि उसके परिवार, समाज और भविष्य को भी बर्बाद कर देता है। उन्होंने नशा छोड़ चुके लोगों की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान रखें और उन्हें अच्छे संस्कार व सकारात्मक वातावरण दें, ताकि वे किसी भी प्रकार के नशे की गिरफ्त में न आएं। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से समाज को नशा मुक्त बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में तहसीलदार ने नशा त्यागकर समाज में नई पहचान बनाने वाले कई नागरिकों को सम्मानित किया और उनके प्रयासों की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम के दौरान आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं में रचनात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं और नशे के खिलाफ सकारात्मक संदेश देती हैं।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने नशे के दुष्परिणामों, मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित लोगों ने भी नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विश्वास नशा मुक्ति एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष रामअवतार, सचिव माधो सिंह, काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट मनीषा, पुनर्वास काउंसलर भारत भूषण, आईसीटीसी काउंसलर कविता मोर, टीबी विभाग से सुशील मोर, सहायक प्रोफेसर अक्षय लोहान, डॉ. साहिल व डॉ. विजय यादव सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
