गुरुद्वारा मणिकरण साहिब में सजे गुरबाणी कीर्तन के दिवान
हरोली/ऊना, 7 मई (राजवीर चोपड़ा):- धन-धन श्री गुरु नानक देव जी महाराज के चरण स्पर्श प्राप्त पवित्र स्थल गुरुद्वारा मणिकरण साहिब में गुरबाणी कीर्तन के आध्यात्मिक दिवान सजाए गए। “जिथे बाबा पैर धरि पूजा आसणु थापणि सोआ” के पावन उपदेश अनुसार जगत गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज संसार को तारते हुए हिमाचल प्रदेश की पवित्र धरती मणिकरण साहिब पहुंचे थे। यहां नीम पहाड़ियों के बीच स्थित उनका चरण स्पर्श प्राप्त पवित्र स्थान गुरुद्वारा मणिकरण साहिब आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
इस अवसर पर बाबा केवल सिंह जी के जत्थे द्वारा गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया गया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले कीर्तन समागम में श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में हाजिरी भरकर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। जत्थे द्वारा कहा गया कि गुरु नानक देव जी सांझे गुरु और सांझे पीर हैं, जिन्हें हर धर्म और हर वर्ग के लोग अलग-अलग नामों से श्रद्धा सहित याद करते हैं। गुरु नानक देव जी का संदेश पूरी मानवता को एकता और भाईचारे के सूत्र में जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि इस पवित्र धरती पर बैठकर भाई गुरदास जी की वारों का कीर्तन करने का विशेष आनंद प्राप्त हुआ।
समागम के दौरान मौजूदा गद्दीनशीन संत बाबा राम चंद्र जी महाराज ने तप स्थान के समस्त जत्थे को सिरोपाओ, वस्त्र और प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया।
इस मौके पर तप स्थान श्री खुरालगढ़ साहिब की ओर से गुरु घर के मुख्य सेवादार बाबा केवल सिंह जी, भाई बलजिंदर सिंह जी भरोली, भाई दीपक सिंह हियाला, कैमरामैन डिंपल गंगड़, चौधरी कुलविंदर साउंड मास्टर, पीएसओ प्रीतम तथा प्रदीप कुमार सहित अन्य संगत उपस्थित रही।
