इस धरती ते रहिंदियां पुस्तक पर विशेष काव्य संवाद
चंडीगढ़:- पंजाब कला परिषद, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित नव कविता उत्सव के दौरान दिनांक 30/05/2026 को अमरजीत कौंके की पुस्तक ‘इस धरती ते रहिंदियां’ के काव्य-संदर्भ में एक विशेष संवाद आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. कुलदीप सिंह, अध्यक्ष, हिंदी विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने पुस्तक पर अत्यंत गंभीर, संवेदनशील और भावपूर्ण शोध-पत्र प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि अमरजीत कौंके की कविता जीवन के यथार्थ से गहरे रूप में जुड़ी हुई है तथा धरती पर रहने वाले आम लोगों के सुख-दुःख, संघर्ष और संवेदनाओं को स्वर प्रदान करती है। उन्होंने पुस्तक के संबंध में अनेक महत्वपूर्ण और मूल्यवान टिप्पणियाँ तथा विचार भी प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर पंजाब कला परिषद के अध्यक्ष स्वर्णजीत सिंह सवी ने अपने संबोधन में अमरजीत कौंके के साथ बचपन से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए कहा कि कौंके की कविता एक आप साधारण मनुष्य के जीवन-संघर्ष की गाथा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अमरजीत कौंके को बचपन से लेकर आज तक निरंतर संघर्ष करते हुए देखा है और यही संघर्ष उनकी कविता की ऊर्जा और विश्वसनीयता का आधार है।
पुस्तक पर अन्य साहित्यकारों और मित्रों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आज के इस कार्यक्रम में डॉ. मनमोहन, जसवंत सिंह जफर, अमरजीत ग्रेवाल, स्वर्णजीत सिंह सवी तथा डॉ. नवदीप कौर की पुस्तकों पर भी सार्थक और समृद्ध गोष्ठियां आयोजित की गईं।
इस सुंदर और सार्थक काव्य-संवाद के लिए पंजाब कला परिषद, चंडीगढ़ बधाई की हकदार है।
