गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय लुधियाना में जैव सूचना विज्ञान पर छहसप्ताह का लघु पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न

लुधियाना 20 फरवरी 2026:- शास्त्रीय जैविक विज्ञानों और आधुनिक संगणकीय विश्लेषण के बीच की खाई को पाटने के उद्देश्य से तैयार किया गया जैव सूचना विज्ञान पर छह-सप्ताह का एक गहन लघु पाठ्यक्रम गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को तीव्र गति से विकसित हो रहे संगणकीय जीवविज्ञान के क्षेत्र में आवश्यक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से सुसज्जित करना था।
डॉ. सी. एस. मुखोपाध्याय, विभागाध्यक्ष, जैव सूचना विज्ञान तथा पाठ्यक्रम समन्वयक ने बताया कि विभिन्न महाविद्यालयों और संस्थानों से 12 उत्साही प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह हाइब्रिड पाठ्यक्रम छह सप्ताह की अवधि में संरचित था, जिसमें पाँच सप्ताह का ऑनलाइन शिक्षण और उसके बाद एक सप्ताह का परिसर में व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल था। 
ऑनलाइन घटक में जैविक डेटाबेस, अनुक्रम विश्लेषण, जीनोमिक्स और जैविक डेटा विश्लेषण में प्रयुक्त मूलभूत प्रोग्रामिंग अवधारणाओं जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया गया। परिसर सत्र में प्रयोगशाला तकनीकों, डेटा विश्लेषण कार्यप्रवाहों तथा अनुसंधान और जैव प्रौद्योगिकी उद्योगों में सामान्यतः प्रयुक्त जैव सूचना विज्ञान उपकरणों के अनुप्रयोग का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया।
डॉ. आर. एस. सेठी, अधिष्ठाता, पशु जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय ने बल देते हुए कहा कि जैव सूचना विज्ञान आधुनिक जैविक अनुसंधान का एक अनिवार्य घटक बन चुका है, जो वैज्ञानिकों को जटिल जैविक डेटा का कुशलतापूर्वक और सटीक विश्लेषण करने में सक्षम बनाता है। 
डॉ. सेठी ने कहा कि इस प्रशिक्षण का आयोजन प्रतिभागियों को जैव सूचना विज्ञान में सैद्धांतिक समझ और प्रयोगशाला की व्यावहारिक दक्षताओं दोनों प्रदान करने के लिए किया गया, ताकि उन्हें आधुनिक जैव सूचना विज्ञान उपकरणों और विश्लेषणात्मक विधियों का मूल्यवान अनुभव प्राप्त हो सके, जो जीनोमिक्स, आणविक जीवविज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान में दिन-प्रतिदिन अधिक आवश्यक होती जा रही हैं।
डॉ. जे. पी. एस. गिल, कुलपति, गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय ने पशु जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के संकाय को बधाई दी और इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम जीवन विज्ञान के उभरते क्षेत्रों में विशिष्ट शिक्षा और क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने के विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।