संतोषगढ़ में संक्रांति पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया

संतोषगढ़/ऊना, 15 जनवरी:- ऐतिहासिक श्री गुरु रविदास मंदिर संतोषगढ़ में बुधवार को संक्रांति का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्रित हुए और गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाओं को स्मरण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ तपस्थान श्री खुरालगढ़ साहिब से पधारे मुख्य बाबा केवल सिंह के सान्निध्य में हुआ। उनके साथ बलजिंद्र सिंह, दीपक सिंह और बाबा नरेश सिंह जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को निहाल किया।
कीर्तन के दौरान गुरु रविदास जी महाराज की अमृतवाणी से बेगमपुरा शहर को नाऊ और गंगा बिच पत्थर तारे रविदास गुरु ने जैसे प्रसिद्ध शब्दों का भावपूर्ण गायन किया गया। इन भक्तिमय प्रस्तुतियों ने मंदिर परिसर को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया और श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए। संगत ने गुरु महाराज की शिक्षाओं पर चलने का संकल्प भी लिया। 
इस अवसर पर मंदिर कमेटी की ओर से कार्यक्रम में पधारे संत महापुरुषों और गणमान्य अतिथियों को सम्मानित किया गया। श्री गुरु रविदास जोड़ मेला कमेटी के चेयरमैन बलवंत सिंह ने गुरु रविदास मंदिर कमेटी द्वारा किए जा रहे सामाजिक और धार्मिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और समरसता को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में गुरु रविदास मंदिर कमेटी के प्रधान कुलविंदर, सचिव मनोहर भीसी, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार सहित बलराम महे, सुरजीत सिंह, राज कुमार, बचन चंद पटेल, सुलिंदर, नरेश कुमार, तवीन, आशु, महादेव तथा अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों का विशेष योगदान रहा। अंत में अरदास के उपरांत संगत में प्रसाद वितरित किया गया।