रोडवेज यूनियनों ने बैठक चालक पर झूठा केस दर्ज करने के प्रयासों पर विरोध जताया
हिसार- राज्य परिवहन के हिसार डिपो की यूनियनों ने तीन माह बाद जांच के नाम पर रोडवेज चालक पर दुर्घटना का केस दर्ज करने के प्रयासों की निंदा की है। यूनियनों ने चेताया है कि यदि रोडवेज चालक को दुर्घटना के केस में झूठा फंसाया गया तो वे आंदोलन से गुरेज नहीं करेंगी।
इस संबंध में हिसार डिपो की यूनियनों के प्रधानों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें कहा गया कि पिछले वर्ष 14 दिसंबर को सदर क्षेत्र में किसी अज्ञात वाहन व मोटरसाकिल के बीच हुई टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस संबंध में एक जनवरी 2026 को हिसार डिपो के चालक के पास सदर थाना से टेलीफोन आया और एक्सीडेंट बारे में पूछताछ की। रोडवेज चालक ने सदर थाना में जाकर अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उक्त आरोप सरासर मिथ्या, झूठ व बेबुनियाद है। दुर्घटना से हरियाणा राज्य परिवहन की बस या चालक से किसी भी प्रकार का संबंध नहीं है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा हरियाणा राज्य परिवहन की बस व चालक पर झूठा आरोप लगाकर हरियाणा राज्य परिवहन की निर्मल साख व कर्मचारी के खिलाफ झूठा मुकदमा बनाकर उसे फंसाने का प्रयत्न किया जा रहा है, जो निंदनीय व अमानवीय कृत्य हैं।
रोेडवेज यूनियनों ने बैठक में पुलिस के इन प्रयासों की निंदा की और कहा कि किसी भी कीमत पर हरियाणा राज्य परिवहन की साख व किसी निर्दोष कर्मचारियों के करियर के साथ खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। अगर पुलिस उक्त मामले की निष्पक्ष जांच ना करके किसी बेकसूर कर्मचारी को परेशान करने या फसाने की कोशिश करेगी तो सांझा मोर्चा संघर्ष समिति बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी जिसकी सारी जिम्मेवारी पुलिस प्रशासन की होगी। यूनियनों ने यह भी बताया कि इस संबंध में डिपो महाप्रबंधक ने भी पुलिस अधीक्षक को निष्पक्ष जांच के लिए लिखित में पत्र भेजा गया है।
रोडवेज यूनियनों की बैठक में मुख्य रूप से हिसार संगठन समिति के प्रधान अजय दुहन, संदीप जैनावास, राजेश जांगड़ा, कर्मबीर मसूदपुर, प्रमोद मतानी, शिवकुमार, हनुमान जांगड़ा, अजीत रोहिल्ला, अनूप श्योकंद, अमित जुगलान, जितेंद्र शर्मा, बजरंग, नरेंद्र खरड़ व राजपाल सहित अनेक कर्मचारी नेता व कर्मचारी शामिल हुए।
