राष्ट्रीय काव्य सागर ने फरवरी की काव्य मिलनी शिवरात्रि को समर्पित की।
राष्ट्रीय काव्य सागर ने 15 फरवरी को एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया, जो शिवरात्रि और आज की विचारधारा का संगम थी। इस गोष्ठी में कुल 32 कवियों ने देश और विदेश से भाग लिया। सभा की प्रधान आशा शर्मा ने सभी आए हुए अतिथियों, कवियों और कवयित्रियों का स्वागत किया। सभा की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए आशा जी ने बताया कि इस सभा के सदस्य अत्यंत लगन और उच्च विचारों के साथ पुस्तकों का सृजन कर रहे हैं, जो आने वाले समय में समाज को दिशा देने में सक्षम होंगी।
राष्ट्रीय काव्य सागर के लिए यह अत्यंत गर्व की बात है कि प्रत्येक वर्ष जब भी वार्षिक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, सभा के सदस्यों द्वारा लिखी गई पुस्तकों का चर्चा के उपरांत लोकार्पण किया जाता है। इस बार राष्ट्रीय काव्य सागर का 8वां वार्षिक समारोह मार्च में निर्धारित किया गया है, जिसमें लगभग 7 पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा।
इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती शालू सैनी जालंधर से थीं तथा विशेष अतिथि डॉक्टर योगेश सूद, अंग्रेजी विभाग, हिमाचल के विभागाध्यक्ष थे। विशेष अतिथि श्रीमती वीना महाजन और तेजिंदर कौर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
डॉक्टर उमा शर्मा ने अत्यंत सुंदर ढंग से मंच संचालन किया और सभी साहित्यकारों को क्रमवार आमंत्रित किया। बीमार अथवा अत्यधिक वृद्ध प्रतिभागियों को पहले आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। प्रत्येक कवि और कवयित्री ने उत्कृष्ट कविता प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। शिव जी को समर्पित कविताओं ने ज्ञान की वर्षा की। जीवन को संवारने और मार्गदर्शन देने वाली कविताएँ भी सुनने को मिलीं।
इस काव्य दरबार में भाग लेने वाले कवि-कवयित्रियों के नाम इस क्रम में थे: आशा शर्मा, डॉक्टर उमा शर्मा, डॉक्टर तरलोचन कौर, डॉक्टर सुदेश चुग, डॉक्टर योगेश सूद, स्नेहा विज, जागृति गौड़, इंदु पॉल, नेहा शर्मा, तेजिंदर कौर, सोहन सिंह दोसांझ, प्रकाश कौर पाशां, सुखदेव सिंह गंधवा, अनिमेश्वर कौर, सुखविंदर सिंह, सरिता तेजी, परवीन सिद्धू, पोली बराड़, कनीज मंजूर, सुनीता जी, वीना महाजन, परमजीत कौर, अमरजीत सिद्धू, शालू सैनी, मंजु मानव, गुरदर्शन गुरसील, डॉक्टर रविंदर भाटिया, अनमोल सैनी, पूनम स्नेहिल शर्मा, श्रीकांत तेलांग और सुनीत टंडन ने भाग लिया।
अंत में विशेष अतिथि ने पूरे कार्यक्रम के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। डॉक्टर योगेश सूद ने लिखित रूप में अपने विचार भेजे और कार्यक्रम की भरपूर प्रशंसा करते हुए इसे उच्च स्तर के नारी सशक्तिकरण का कार्यक्रम बताया। इस प्रकार यह कार्यक्रम अपनी बुलंदी को छूते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में डॉक्टर उमा जी और आशा शर्मा ने सभी का धन्यवाद किया।
