खाद के लिए कतारें लाठियों की बौछारें
करनाल, 26 अक्टूबर: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि हरियाणा की बीजेपी सरकार किसी भी क्षेत्र में जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है। आज किसान अपनी फसलों के उचित मूल्य के लिए और आम जनता सुरक्षा के लिए तरस रही है। हुड्डा करनाल में आयोजित विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने आए थे।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि 24 फसलों पर एमएसपी देने का दावा करने वाली बीजेपी सरकार आज मुंह छिपाकर घूम रही है, क्योंकि हरियाणा में मुख्यतः खरीफ की फसलें धान, बाजरा, कपास, मूंग समेत अन्य एमएसपी से 300 से 1200 रुपये तक कम कीमत पर बिक रही हैं।
हुड्डा ने सवाल उठाया, कि हम सरकार से बार-बार पूछ रहे हैं कि हरियाणा में वे कौन-सी 24 फसलें हैं, जिन पर एमएसपी दिया जा रहा है? जो फसलें खेतों से मंडियों तक पहुंच रही हैं, उन्हें एमएसपी नहीं मिल रहा। कोई भी व्यक्ति मंडी जाकर इसकी सच्चाई देख सकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस सरकार ने फसल बेचने से लेकर मुआवजा प्राप्त करने तक की प्रक्रियाओं को इतना जटिल बना दिया है कि किसान इन्हीं में उलझकर रह जाते हैं। उन्हें न तो फसल का उचित दाम मिलता है और न ही मुआवजा। इस समय रबी की फसल की बुआई के लिए भी पिछले सालों की तरह खाद के लिए मारामारी जारी है। कई जगह किसानों और महिलाओं पर लाठीचार्ज तक की खबरें सामने आ रही हैं।
कानून व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए हुड्डा ने कहा कि हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित राज्य बन गया है। केंद्र सरकार की रिपोर्ट और आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं। हरियाणा में संगठित अपराध चरम पर है यहाँ 80 से अधिक अपराधी गिरोह सक्रिय हैं, जो हत्या, लूट, डकैती और फिरौती जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि कानून की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मियों को भी अपनी जान गंवानी पड़ रही है। आईपीएस पूरण कुमार और संदीप लाठर की मौत के मामलों में हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए।
बीजेपी के केंद्रीय ऊर्जा मंत्री द्वारा बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर पर की गई विवादित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि किसी को भी इस बात में संदेह नहीं होना चाहिए कि देश के संविधान का निर्माण डॉ. भीमराव अंबेडकर ने किया था। मुझे गर्व है कि मेरे पिता चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा उस संविधान सभा के सदस्य थे, जिसके अध्यक्ष डॉ. अंबेडकर थे। डॉ. अंबेडकर के बारे में किसी को भी ओछी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
