Punjabi month was celebrated with book award distribution and cultural presentations

पटियाला, 30 नवंबर - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के संरक्षण में, उच्च शिक्षा एवं भाषा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के नेतृत्व में, पंजाबी मातृभाषा के प्रचार के लिए मनाए जाने वाले पंजाबी माह कार्यक्रम में आज यहां भाषा विभाग द्वारा सर्वश्रेष्ठ साहित्यिक पंजाबी पुस्तक पुरस्कार का आयोजन किया गया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ आगे बढ़े। इस कार्यक्रम में जिला योजना समिति पटियाला के अध्यक्ष जसबीर सिंह जस्सी सोहियांवाला विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए और कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. रतन सिंह जग्गी ने की। शोमानी पंजाबी कवि दर्शन बुट्टर विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डाॅ. वीरपाल कौर ने अतिथियों का स्वागत किया और पंजाबी माह के दौरान भाषा विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी दी।
विशिष्ट अतिथि जस्सी सोहियांवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने पंजाबी भाषा को उचित सम्मान देने के लिए बड़ी पहल की है, जिसके बहुत सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हमारी मातृभाषा गुरुओं के श्रीमुख से बोली गयी भाषा है। इसी भाषा में विश्व का सर्वमान्य और मानवता का संदेश देने वाला श्लोक रचा गया है। इसलिए हमें अपनी गौरवशाली पंजाबी मातृभाषा को गर्व के साथ बोलना चाहिए। स0 जस्सी ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और उनसे पंजाबी मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए और अधिक प्रयास करने का आग्रह किया। अपने अध्यक्षीय भाषण में डाॅ. रतन सिंह जग्गी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि भाषा विभाग लंबे समय से पंजाबी मातृभाषा के ध्वजवाहक के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाषा विभाग ज्ञान का खजाना है और नई पीढ़ी को इसका हर तरह से लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और कहा कि पुरस्कार हमेशा लेखक की ज़िम्मेदारी बढ़ाता है, इसलिए वह चाहते हैं कि सभी लोग और अधिक प्रतिबद्धता के साथ काम करें।
शिरोमणि कवि दर्शन बुट्टर ने कहा कि भाषा विभाग पंजाबी मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए हमेशा काम करता रहा है और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहने चाहिए। अंत में उपनिदेशक हरप्रीत कौर ने सभी का धन्यवाद किया। कार्यक्रम की शुरुआत कमलजीत नीलोन ने अपने लोकप्रिय गीत 'मानो बिली' से की। इसके बाद राम सिंह अलबेला ने साहित्यिक गीतों से अपनी पहचान बनाई। कवयित्री निर्मला गर्ग ने पंजाबी मातृभाषा को समर्पित कविता प्रस्तुत कर धूम मचा दी। फिर पंजाब पुलिस की सांस्कृतिक टीम ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से कार्यक्रम को सफल बनाया. मस्त अली ने छल्ला, रविंदर कौर ने कंगना और मिर्जा ने सुखदास ने पंजाबी गीत, कर्म राज कर्मा ने जुगनी, कविश्री और ढाडी जत्थे ने मानक गीत गाए। इसके अलावा पंजाब का लोक नृत्य झूमर भी प्रस्तुत किया गया. इस मौके पर कनाडा से पहुंचे अजैम सिंह चट्ठा, राम सिंह अलबेला, कमलजीत नीलों, नरपाल सिंह शेरगिल को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की सफलता के लिए उप निदेशक हरप्रीत कौर और सतनाम सिंह, सहायक निदेशक अशरफ महमूद नंदन, अमरेंद्र सिंह और जसप्रीत कौर ने बहुत योगदान दिया। मंच संचालन डाॅ. मनजिंदर सिंह ने किया।