संतोखगढ़ में केमिकल उद्योग के खिलाफ जनता एकजुट कानूनी लड़ाई की भी तैयारी
संतोखगढ़/ऊना, 12 अप्रैल (राजवीर चोपड़ा):- संतोखगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित केमिकल उद्योग के विरोध में स्थानीय लोगों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार को क्षेत्रवासियों ने एकजुट होकर स्पष्ट कर दिया कि किसी भी सूरत में इस उद्योग को यहां स्थापित नहीं होने दिया जाएगा।
इस जनआंदोलन की अगुवाई नगर परिषद एकता मंच कर रहा है, जिसका गठन एक वर्ष पूर्व जनहित और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों को लेकर किया गया था। मंच के अध्यक्ष शादी लाल ने कहा कि संगठन का उद्देश्य शुरू से ही क्षेत्र की एकता बनाए रखना और जनहित से जुड़े मुद्दों पर संगठित होकर आवाज उठाना रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि केमिकल उद्योग से क्षेत्र के पर्यावरण, जल स्रोतों और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं, जिन्हें किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस बीच, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर रोहित कटवाल ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर संबंधित न्यायालय में याचिका दायर कर इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा, ताकि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से कोई समझौता न हो।
इस मुद्दे पर स्थानीय राजनीति से जुड़े दोनों प्रमुख दल भी एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस शहरी इकाई के अध्यक्ष मुकेश पुरी और भाजपा शहरी इकाई के अध्यक्ष राजेश प्रभाकर ने संयुक्त रूप से इस जनहित के मुद्दे का समर्थन करते हुए कहा कि क्षेत्र के हित में राजनीति से ऊपर उठकर निर्णय लेना जरूरी है। उन्होंने केमिकल उद्योग के विरोध में जनता के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
इसके साथ ही, दोनों नेताओं ने नगर परिषद चुनाव को निर्विरोध कराने की पहल का भी समर्थन किया। उनका मानना है कि आपसी सहमति से प्रतिनिधियों का चयन होने से विकास कार्यों को गति मिलेगी और अनावश्यक राजनीतिक टकराव से बचा जा सकेगा।
स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और बुजुर्गों ने भी एकता मंच के प्रयासों की सराहना की है। क्षेत्र में इस समय एकजुटता और जागरूकता का माहौल देखने को मिल रहा है, जहां लोग पर्यावरण और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
