गोपाल चंद कुलरियां द्वारा अनुदित पुस्तक कुंजा कुर्लाँदियाँ का लोक अर्पण
रतिया:- हिन्दी साहित्य की प्रसिद्ध कथाकार अंजू दुआ जैमिनी के कथा संग्रह का अनुवाद प्रसिद्ध अनुवादकार गोपाल चंद कुलरियां द्वारा किया गया | जिसका लोक अर्पण व गोष्टी का आयोजन लोक चेतना मंच हरियाणा द्वारा लायंस क्लब रतिया सिटी के तत्वावधान में किया गया | जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध आलोचक निरंजन बोहा शामिल हुए | इस अवसर पर क्लब के प्रधान हरवीर सिंह जोड़ा एवं जोन चेयरमैन प्रदीप बांसल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए |
साहित्य आलोचक व चिंतक डॉ नैब सिंह मंडेर, उपन्यासकार अजीज सरोए, शायर दिलबाग रिओंद, शायर गुलाब सिंह विशेष तौर पर उपस्थित हुए |लोक चेतना मंच के महासचिव कृष्ण सिंह चित्रकार ने मुख्य वक्ता सहित विद्वानो से गोपाल चंद कुलरियां की अनुवादिक पुस्तक "कुंजा कुर्लोदियाॅं का लोकार्पण करवाया |
मुख्य वक्ता आलोचक निरंजन बोहा ने अपने सम्बोधन में कहा कि गोपाल चंद कुलरियां ने अध्यापन के कार्य के साथ ही साहित्य सेवा खासकर अनुवाद के क्षेत्र में पहल करके बड़ा काम किया है | उन्होंने कहा कि गोपाल चंद ने शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित भावना के साथ सेवा की है | अब इनका अनुवाद का कार्य प्रशंसनीय है | साहित्यकार डॉ नैब सिंह मंडेर ने कहा कि गोपाल चंद को हिन्दी व पंजाबी का बराबर ज्ञान है जिसकी बदौलत उनका अनुवाद का कार्य बहुत ही शानदार है | भाषा, शैली व पात्रों की आपसी बोल चाल (संवाद) कथाओं को रोचकता प्रदान करती है |
उपन्यासकार अजीज सरोये, शायर दिलबाग सिंह, कवि गुलाब सिंह, क्लब के प्रधान हरवीर सिंह जोड़ा, ज़ोन चेयरमैन प्रदीप बांसल, तेजिन्द्र सिंह औजला, गुलाब सिंह, मंजीत सिंह व अवतार शर्मा ने पुस्तक के अनुवाद पर पर अपनी - अपनी टिप्पणी प्रस्तुति की | इस अवसर पर सभी ने बधाई देते हुए रतिया क्षेत्र के लिए गर्व की बात कही |
इस अवसर पर सुरजीत सिंह शिमलापुरी, कृष्ण सिंह चित्रकार, निर्भय सिंह, राजू अरोड़ा, नाटककर गुरमेल सिंह ग्रोहा सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार व विद्वान उपस्थिति थे |
