जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के अभियंताओं का विरोध प्रदर्शन
चंडीगढ़, 29 जनवरी - डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन पंजाब के आह्वान पर जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के इंजीनियरों ने पंजाब की 29 जनवरी से 31 जनवरी तक 13 सर्कलों के सामने धरने की श्रृंखला के तहत पहले दिन सर्कल चंडीगढ़ के सामने धरना दिया। इस धरने में चंडीगढ़ जोन की प्रदेश कमेटी ने प्रमुखता से भाग लिया।
धरना पर बैठे साथियों को संबोधित करते हुए डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष करमजीत सिंह बिहला ने कहा कि विभाग में ऐसा पहली बार हुआ है कि पिछले वर्ष और इस वर्ष भी सहायक अभियंता से लेकर अवर अभियंता तक में कोई बदलाव नहीं हुआ है. डिविजनल इंजीनियर और सब डिविजनल इंजीनियर से एग्जीक्यूटिव इंजीनियर तक कोई प्रमोशन नहीं हुआ है और न ही प्रमोशन कोटा पचास से बढ़ाकर पचहत्तर प्रतिशत करने और प्रमोशन का समय कम करने की कोई कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि उपमंडल अभियंताओं को यात्रा भत्ता देना तो दूर कनिष्ठ अभियंताओं से छीना गया पेट्रोल भत्ता भी बहाल करने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है.
एसोसिएशन के चेयरमैन सुखविंदर सिंह लवली, महासचिव अरविंद सैनी, वित्त सचिव कमरजीत सिंह मान और अन्य नेताओं ने कहा कि जल आपूर्ति मंत्री के साथ बैठक में सहमत मांगों को लागू करने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि परिवीक्षा अवधि को पूरा करने, उपमंडल इंजीनियरों की जब्त की गई वित्तीय शक्तियों को बहाल करने, पदोन्नति कोटा बढ़ाने, गैर-राजपत्रित मुद्दों से संबंधित मुख्य कार्यालय पटियाला को अधिकार देने और अन्य मुद्दों को हल करने के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। लिखित विभागाध्यक्ष द्वारा बैठक में किये गये वादों से लगातार मुकरा जा रहा है, जिससे सभी अभियंताओं में व्यापक आक्रोश है.
इस मौके पर चंडीगढ़ जोन के अध्यक्ष दीपांश गुप्ता, जोन सचिव मंजीत सिंह, वित्त सचिव गगनदीप सिंह, कुलदीप सिंह, रणजीत सैनी, गुरजिंदर सिंह बराना ने भी संबोधित किया।
