राजकुमारी अमृत कौर के मानवीय कार्यों को याद किया गया

पटियाला:- वीर हकीकत राय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पटियाला की प्रिंसिपल श्रीमती सरला भटनागर ने 6 फरवरी को राजकुमारी अमृत कौर के शहीदी दिवस के अवसर पर छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उनके मानवीय और राष्ट्रनिर्माण से जुड़े योगदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रिंसिपल श्रीमती सरला भटनागर ने कहा कि भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा को समर्पित कर दिया। उन्होंने देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में से एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, पटियाला स्थित नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स, शिमला में डॉक्टरों और नर्सों के लिए गेस्ट हाउस तथा कपूरथला के राजा सर हरनाम सिंह के महल जैसी अमूल्य संपत्तियां राष्ट्र को समर्पित कीं। ऐसे महान कार्यों के कारण राजकुमारी अमृत कौर का नाम सदैव सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि राजकुमारी अमृत कौर का जन्म 2 फरवरी, 1887 को कपूरथला के राजा सर हरनाम सिंह के घर हुआ था। उन्होंने इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की। एक अंग्रेज के साथ सादा और सुख-सुविधाओं से भरा जीवन जीने के बजाय उन्होंने भारत लौटकर देशवासियों के स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करना चुना। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना में अहम भूमिका निभाई और भारतीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाने के उद्देश्य से नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स, पटियाला की नींव रखी।
इस अवसर पर रेड क्रॉस के सेवानिवृत्त प्रशिक्षण अधिकारी श्री काका राम वर्मा ने कहा कि राजकुमारी अमृत कौर ने अपने जीवनकाल में चिकित्सा और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपनी हिस्सेदारी के करोड़ों रुपये दान किए। वह इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की पहली चेयरमैन भी रहीं। उन्होंने रेड क्रॉस को दान की गई संपत्तियों का सही और जनहित में उपयोग सुनिश्चित किया। रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा राजकुमारी अमृत कौर मेमोरियल लाइफ सेवर गोल्ड मेडल उन छात्रों, युवाओं और नागरिकों को प्रदान किया जाता है जो बहुमूल्य जान बचाने का साहसिक कार्य करते हैं।
श्री काका राम वर्मा ने कहा कि जीवन में हर व्यक्ति को मानवता की सुरक्षा, कल्याण, प्रगति, समृद्धि और जीवन रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने छात्रों के दिलों, दिमागों, भावनाओं और विचारों में मानवीय मूल्यों को जागृत करने और प्रोत्साहित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, स्काउट गाइड तथा रेड क्रॉस के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।